सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, साहू का कुआं, वन विहार कॉलोनी, वैशाली नगर में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा मंदिर से बड़ी वैशाली के विभिन्न मार्गों से चल कर वापिस मंदिर आकर सम्पन्न हुई । तत्पश्चात धर्मसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर एस के अरोड़ा एवं लाडली घर के संत कृष्णानंद महाराज का आशीर्वचन मिला

आज हीन भावना से निकलकर हमारे प्राचीन सभ्यता संस्कृति पर गौरव करने की आवश्यकता : स्वामी कृष्णानंद महाराज

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, साहू का कुआं वन विहार, वैशाली नगर में आयोजित हुआ विराट हिंदू सम्मेलन ।

आज सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, साहू का कुआं, वन विहार कॉलोनी, वैशाली नगर में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा मंदिर से बड़ी वैशाली के विभिन्न मार्गों से चल कर वापिस मंदिर आकर सम्पन्न हुई । तत्पश्चात धर्मसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर एस के अरोड़ा एवं लाडली घर के संत कृष्णानंद महाराज का आशीर्वचन मिला।

नीतू शर्मा ने अपने  उद्बोधन में परिवार प्रबोधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे में स्व का जागरण आवश्यक है । भजन,भोजन, भाषा , भूषा, भरण पोषण एवं स्व युक्त भाव ही आज की आवश्यकता है । लव जिहाद से आज की युवती को तभी बचा सकते हैं , जब  उसके साथ संवाद हो, संस्कृति का ज्ञान हो, और मोबाइल के3 अनावश्यक उपयोग से दूरी हो,  टेक्नोलॉजी का उपयोग भी आवश्यक है परन्तु ज्ञान के लिए संयमित उपयोग की आवश्यकता है ।

संत कृष्णानंद महाराज ने कहा कि जात-पात की करो विदाई हिंदू- हिंदू भाई-भाई । एकता में ताकत है, जो बंट जाता है वो टूट जाता है । झाड़ू की सींक एक है तो कचरा बाहर करती है,  यदि स्वयं अलग-अलग है तो झाड़ू ही कचरा बन जाती हैं । बुद्धि , विचार दूषित हो जाता है तो समाज दूषित हो जाता है । हिंदू को जगाना आवश्यक भेदभाव दूर करना आवश्यक है ।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर एस के अरोड़ा ने उद्बोधन में कहा कि लॉर्ड मैकाले ने शिक्षा पद्धति पर आक्रमण किया , पर वे सफल नहीं हो पाए । हमारे पास समग्र कल्याण की दृष्टि है । हम विश्व की मंगलकामना करते हैं ।

समाज तेजी से बदल रहा है, जिओ पॉलिटिक्स देखते हैं तो लगता है कि पूरा विश्व हिंदू , हिंदुत्व और हिंदुस्तान की ओर देख रहा है  । विश्व का हिन्दुत्व पर विश्वास बढ़ रहा है ।  आज हीन भावना से निकलकर हमारे प्राचीन सभ्यता संस्कृति पर गौरव करने की आवश्यकता है । सम्मेलन स्थल पर साहित्य की स्टॉल के माध्यम से एडी साहित्य बिक्री की गई वहीं  पाथेय मित्र भी बनाए गए ।

अंत में भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।