मॉडल स्कूल शिफ्ट करें, छात्राओं को मिले सुविधा
विधानसभा अध्यक्ष ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक
राजकीय सिंधी उ.मा.विद्यालय कोटड़ा होगा कोटड़ा स्कूल का नाम
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि राजकीय मॉडल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सुन्दर विलास को शीघ्र सावित्री प्राथमिक विद्यालय के भवन में शिफ्ट करें। भवन मरम्मत पर 55 लाख रूपए खर्च होंगे। यह राशि शीघ्र स्वीकृत होगी। इसी तरह कोटड़ा में नवनिर्मित स्कूल में दो स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है। इसका नाम राजकीय सिंधी उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा करने का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सर्किट हाउस में अजमेर में शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सुन्दर विलास स्थित मॉडल बालिका स्कूल को यथाशीघ्र शिफ्ट करने पर चर्चा हुई। देवनानी ने निर्देश दिए कि यह शहर में बालिका शिक्षा की एक बड़ी समस्या का समाधान होगा। उन्होंने इसे सावित्री बालिका प्राथमिक विद्यालय के भवन में शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए। इससे छात्राओं को व स्टाफ को दूसरे स्कूलों में मर्ज नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय भवन में पर्याप्त कक्षा कक्ष है। सेफ्टी ऑडिट भी करवा ली गई है। जल्द ही इसे मरम्मत व रंग-रोगन करवा कर बालिकाओं के लिए संचालित करवा दिया जाएगा। इस पर 55 लाख खर्च होंगे।
देवनानी ने अधिकारियों से शहर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों व कक्षों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश के समय किसी तरह की दुर्घटना ना हो, इसके लिए जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए। पीडब्ल्यूडी भी इस दिशा में काम करें। बच्चों को किसी तरह के खतरे में नहीं पढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से डीएमएफटी फंड से स्कूलों में होेने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रूपए से होने वाले यह विकास कार्य जल्द शुरू करवाएं जाएं ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। श्री देवनानी ने विधायक कोष से स्कूलों में होने वाले कामों की भी समीक्षा की।
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से स्कूलों के सैकण्डरी बोर्ड परीक्षा परिणाम की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अधिक विद्यार्थी 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाएं। स्कूल स्टाफ का मूल्यांकन भी इसी आधार पर हो। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग नामांकन बढ़ाए। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। आंगनबाड़ी के स्कूल जाने लाय बच्चों का नामांकन किया जाए। शिक्षक स्कूल समय के अतिरिक्त क्षेत्र में संपर्क कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ें। इसी तरह अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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