अजयमेरू प्रेस क्लब : साहित्यधारा का हुआ आयोजन
लाख ना चाहो याद के खिल जाते हैं फूल
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। अजयमेरु प्रेस क्लब सभागार में रविवार को मासिक संगोष्ठी "साहित्यधारा" का आयोजन हुआ।
गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप जयपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र राजन उपस्थित हुए एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गज़लकार एवं गीतकार गोपाल गर्ग ने की। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार उमेश चौरसिया द्वारा किया गया।
गोष्ठी में शहर के विभिन्न साहित्यकारों ने गीत, ग़ज़ल, कविता ,व्यंग्य , लघुकथा आदि विभिन्न विधाओं में अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं।
गोष्ठी में क्लब अध्यक्ष डॉ रमेश अग्रवाल ने सुनहरा ख्वाब गहरी नींद से यूं छिन गया जैसे, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोपाल गर्ग ने लाख ना चाहो याद के खिल जाते हैं फूल एवं जयपुर से पधारे राजेंद्र राजन ने अपनी ग़ज़ल प्रस्तुत की।
उसके पश्चात गज़लकार डॉ बृजेश माथुर ने याद के मीठे नशे में हूँ, उमेश चौरसिया ने मातृ दिवस , कवि एवं व्यंग्यकार प्रदीप गुप्ता ने इज्जत की इज्जत दो कौड़ी की , वरिष्ठ गज़लकार तस्दीक अहमद खान ने हाय किस्मत ने मुझे कैसे दिन दिखाए हैं, सुनीता जैन ने युद्ध के बाद,शालिनी अग्रवाल ने एक शाम जिंदगी से मुलाकात हो गई, सुधा मित्तल ने मां की सीख, पूर्णिमा पाठक ने दिल का दर्द से पुराना रिश्ता है,खलील अहमद ने जिंदगी आईना दिखाती है, मोहम्मद इलियास हाशमी ने अहसान, रजनीश मैसी ने कोई क्यों इतना बेकरार होता, कुलदीप खन्ना ने कागज और स्याही से पुराना नाता आदि रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में शशि गर्ग ,भार्गव आदि उपस्थित रहे।
अंत में अजयमेरू प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ रमेश अग्रवाल ने सभी का आभार प्रकट किया।

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