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अजमेर को मिली आधुनिक पशु चिकित्सा की सौगात, एनीमल इन्डोर वार्ड एवं डोरमेट्री का हुआ शुभारंभ

अजमेर को मिली आधुनिक पशु चिकित्सा की सौगात, एनीमल इन्डोर वार्ड एवं डोरमेट्री का हुआ शुभारंभ

अजमेर को मिली आधुनिक पशु चिकित्सा की सौगात, एनीमल इन्डोर वार्ड एवं डोरमेट्री का हुआ शुभारंभ

प्रदेश के सबसे बड़े और सुविधाजनक वार्ड में पशुपालकों के ठहरने की भी होगी उत्तम व्यवस्था

1.5 करोड़ की लागत से तैयार हुआ इन्डोर वार्ड

गंभीर बीमार पशुओं को अब नहीं जाना पड़ेगा शहर से बाहर

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। अजमेर के बहुउद्देशीय पशुचिकित्सालय में पशुपालकों और जीवदया प्रेमियों की लंबे समय से चली आ रही मांग आज पूर्ण हुई। मुख्य अतिथि नृसिंह गौशाला, अरड़का के महन्त शिव रतन एवं विशिष्ट अतिथि सरस डेयरी के प्रबन्धन निदेशक रामलाल चौधरी की उपस्थिति में वर्ष 2025 में निर्मित अत्याधुनिक एनीमल इन्डोर वार्ड एवं डोरमेट्री का विधिवत शुभारंभ किया गया। लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह वार्ड राज्य के सबसे बड़े और सुविधाजनक पशु चिकित्सा केंद्रों में से एक है। यहाँ बीमार पशुओं के उपचार के साथ-साथ पशुपालकों के ठहरने के लिए डोरमेट्री की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

संयुक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने इन्डोर वार्ड की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में 10 केनल तथा 4 बड़े एवं 5 छोटे पशुओं के लिए विशेष वार्ड बनाए गए हैं। बीमार और रोगी पशुओं को उतारने के लिए यहाँ आधुनिक रैम्प की सुविधा भी विकसित की गई है। डॉ. परिहार ने कहा कि पूर्व में गंभीर स्थिति में पशुओं को उपचार के लिए किशनगढ़ ले जाना पड़ता था। इससे रास्ते में ही कई पशु दम तोड़ देते थे। अब अजमेर में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से समय पर उपचार मिल सकेगा। कई पशुओं की जान बचाई जा सकेगी।

सरस डेयरी के एमडी रामलाल चौधरी ने जिले में रिकॉर्ड दुग्ध उत्पादन की जानकारी साझा करते हुए प्रगतिशील पशुपालकों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुष्कर मेले के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न पशु प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं जीवदया प्रेमी नरेन्द्र सिंह कड़ैल ने एमवीयू 1962 एम्बुलेंस सेवा द्वारा लाए जाने वाले निराश्रित गौवंश को उपचार के पश्चात गौशाला या कांजी हाउस तक पहुँचाने हेतु वाहन सुविधा की मांग की। इस पर सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया गया।

डॉ. परिहार ने आमजन और पशुपालकों से अपील की है कि वे पशु चिकित्सा से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति में विभाग के टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के पास पर्याप्त मैनपावर और संसाधन उपलब्ध हैं। जिले का कोई भी पशु चिकित्सा से वंचित न रहे। शुभारंभ के दिन ही 3 बड़े एवं 2 छोटे पशुओं को वार्ड में भर्ती किया गया। 

इस अवसर पर उपनिदेशक डॉ. श्रीकान्त खोडवे, डॉ. नीतू अरोड़ा, डॉ. कुलदीप अग्रवाल, डॉ. कपिल, डॉ. गुंजन, डॉ. कुलदीप गुर्जर, डॉ. सिद्वार्थ, डॉ. चक्रवती, डॉ. कविता, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. साकेत पाठक, कामधेनु सेना के प्रदीप वर्मा, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष  अजय सैनी सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में पशुपालक एवं जीवदया प्रेमी उपस्थित रहे।

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