भाजपा का हल्ला बोल कार्यक्रमदेवनानी ने फेसबुक लाईव पर प्रदेश सरकार के जनविरोधी कार्यो का किया विरोध
किसान, बेरोजगार सब ठगा महसूस कर रहे
सरकार मस्त, जनता त्रस्त - भाजपा घेरेगी सरकार को
अजमेर (AJMER MUSKAN)। पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री एवं विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने राजस्थान सरकार पर कोरोना कालखण्ड में जनता को राहत के बजाय बिजली बिलों में बढोतरी का करंट दिये जाने का आरोप लगाया है।
देवनानी शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश सरकार के जनविरोधी कार्यो के खिलाफ चलाये गये हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत फेसबुक लाईव के माध्यम से सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं करने का वादा किया था। इसके बावजूद कोरोना कालखण्ड में प्रदेश की जनता को राहत देने के बजाय चार से पांच बार फ्यूल चार्ज, स्थाई शुल्क में बढोतरी कर जनता पर भार डाला गया। सरचार्ज के रूप में 1 हजार 40 करोड का अतिरिक्त भार डालकर कोढ़ में खाज का कार्य किया है। सरकार द्वारा प्रत्येक उपभोक्ता पर 500 रूपये से लेकर 2000 रूपये प्रतिमाह तक का अतिरिक्त भार डालने का जनविरोधी कार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में जनता त्रस्त है जबकि राज्य सरकार मस्त है। देवनानी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पांच वर्ष इंतजार नहीं करेगी तथा जनविरोधी नीतियों का विरोध कर राज्य सरकार को घेरा जाएगा। अपनी नाकामियों व जनविरोधी कार्यो से जनता का ध्यान बांटने के लिए कांग्रेस के नेता बार-बार भाजपा व मोदी जी पर झूठे आरोप लगाते है जबकि राज्य सरकार हर स्तर पर असफल सिद्ध हो रही है। सरकार प्रदेश में कोरोना प्रबंधन में लाचार नजर आ रही है। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं की हालत खराब है तो निजी अस्पताल मरीजों को लूटने में लगे हैं वहीं कोरोना संक्रमण अनियंत्रित गति से फैलता जा रहा है। ऋण माफी की आस लगाये प्रदेश का किसान व रोजगार के झांसे में बेरोजगार युवक-युवतियां खुद को ठगा सा महसूस कर रहे है। सरकार ने पिछले दो बजटों में 1 लाख 28 हजार पदों पर नई भर्तियों की घोषणा की जबकि अब तक कुल 16 हजार पद विज्ञापित किये गये है। मेडिकल विभाग की भर्ती परीक्षा ही रद्द कर दी गई। बेरोजगार भत्तें के नाम पर भी प्रदेश के युवाओं को छला गया है। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में प्रदेश में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ रहा है। बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद है तो अपराधी बेखौफ होकर ताण्डव मचा रहे हैं।
अलोकतांत्रिक सरकार :
देवनानी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि गत दिनों राजस्थान विधान सभा के चर्चित सत्र में ना तो शून्यकाल और ना ही प्रश्नकाल रखा गया जिससे जनप्रतिनिधियों द्वारा जनहित के मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकी। इतना ही नहीं विधेयकों पर भी बहस नहीं कराई गई।
नीट, जेईई को लेकर कांग्रेस की नोटंकी:
देवनानी ने नीट एवं जेईई परिक्षाओं के आयोजन को लेकर कांग्रेस द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन को नोटंकी करार देते हुए कहा कि एक तरफ राजस्थान की कांग्रेस सरकार एक ही नहीं तीन परिक्षाओं का आयोजन कराने जा रही है जिसमें लाखों विद्यार्थी बैठेंगे और दूसरी तरफ कांग्रेस द्वारा इंजीनियरिंग व मेडिकल संस्थाओं में प्रवेश हेतु आयोजित जेईई व नीट का विरोध किया जा रहा है।
देवनानी ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा बीएसटीसी में प्रवेश हेतु डीएलएड परीक्षा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं की पूरक परीक्षा तथा ओपन स्कूल की 10वीं व 12वीं की परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है तथा इनके आयोजन में सरकार को संक्रमण का कोई खतरा नजर नहीं आता जबकि नीट व जेईई के आयोजन में इतना खतरा लग रहा है कि प्रदेशभर में कांग्रेस को विरोध प्रदर्शन पर उतारू होना पड़ा। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस के दोहरे मापदण्डों को नोटंकी नहीं तो और क्या कहा जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर नीट व जेईई की खिलाफत कर रही कांग्रेस को उनके द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व गाईडलाईन की धज्जियां उड़ते हुए नजर नहीं आई।
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