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कलेक्ट्रेट परिसर में आपातकालीन सेवाओं का संयुक्त अभ्यास

कलेक्ट्रेट परिसर में आपातकालीन सेवाओं का संयुक्त अभ्यास

कलेक्ट्रेट परिसर में आपातकालीन सेवाओं का संयुक्त अभ्यास

अजमेर में हवाई हमले से बचाव की मॉक ड्रिल, सायरन- ब्लैकआउट के बीच आपदा प्रबंधन की तैयारियां परखी

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। केन्द्र एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार हवाई हमले से बचाव की तैयारी एवं नागरिक सुरक्षा उपायों को परखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं नियन्त्रक नागरिक सुरक्षा लोक बन्धु द्वारा नागरिक सुरक्षा विभाग की मॉक ड्रिल के लिए 24 अप्रैल निर्धारित किए जाने के फलस्वरूप शुक्रवार सांय 7.30 बजे हवाई हमले से बचाव के उपायों के मॉक अभ्यास का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर में किया गया।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) एवं नोडल अधिकारी मॉक ड्रिल नरेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि शुक्रवार सांय 7.30 बजे अचानक हुए दुश्मन के हवाई हमलों के कारण हवाई हमला चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करते हुए नागरिक सुरक्षा के सायरन बजाये गए व ब्लैक आउट किया गया। हवाई हमलों से कलेक्ट्रेट परिसर में कई जगह आग लगने से अफरा तफरी मच गयी व काफी लोग हताहत हुए। इस पर नागरिक सुरक्षा विभाग तुरन्त हरकत में आया एवं नागरिक सुरक्षा वार्डन (क्षेत्र रक्षक) द्वारा मौके का तत्काल मुआयना करते हुए नागरिक सुरक्षा कन्ट्रोल रूम से मदद मांगी गई।

उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा बचाव दल के आने तक मौके पर मौजूद नागरिक सुरक्षा वार्डनों एवं स्वयं सेवकों द्वारा घटना स्थल से त्वरित व तात्कालिक उपाय करते हुए घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया व घटना स्थल से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। गंभीर घायलों को स्ट्रेचर व आपातकालीन उपायों के जरिये निकाल कर प्राथमिक उपचार केन्द्र पहुंचाया गया। यहां चिकित्सा विभाग के दल ने उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान कर राजकीय जवाहर लाल नेहरू अस्पताल रैफर किया। घटनास्थल पर कई जगह लगी आग को नागरिक सुरक्षा दल द्वारा अग्निशामक यंत्रों की मदद से व बडी आग को अग्निशमन विभाग के दमकलों से काबू पाया गया।

उन्होंने बताया कि  बमबारी से कलेक्ट्रेट परिसर की ऊपरी मंजिल पर फसें हताहतों को नागरिक सुरक्षा विभाग के दल/स्वयं सेवकों द्वारा फ्लाईंग फॉक्स, चेयर नोट, फायर मैन लिफ्ट एवं मल्टीपल थग्ब नोट पद्धति के जरिये को सुरक्षित उतारा गया व प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। स्थिति पर काबू पाने व सभी हताहतों को निकालने के बाद नागरिक सुरक्षा वार्डन द्वारा मौका एवं हमले से हुऎ नुकसान का निरीक्षण किया गया व इंसीडेंट कमाण्ड ऑफिसर को रिपोर्ट दी। इसके उपरान्त अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर द्वारा ऑपरेशन पूर्ण होने व ऑल क्लीयर की घोषणा किए जाने पर सायरन बजाकर हवाई हमला समाप्त होने व ऑपरेशन पूर्ण होने का संकेत दिया गया।

मॉक अभ्यास में नागरिक सुरक्षा विभाग, सहयोग के लिए प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्काउट्स सहित सभी आपातकालीन सेवाओं से संबंधित विभागों ने भाग लिया। इस अभ्यास का मकसद वास्तविक युद्ध व हवाई हमलों की स्थिति के लिये तैयारियों व नागरिक सुरक्षा सहित सभी सहयोगी विभागों एवं एजेंसियों की तालमेल को परखना है।

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