गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिविर आयोजित
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राजस्थान सरकार के पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत के 63वें जन्मदिवस को पशुपालन विभाग द्वारा गौ सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर राज्य की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान के तहत गौवंश के बांझपन निवारण के लिए शिविर आयोजित किए गए।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक नवीन परिहार ने बताया कि जिले के 36 गौशालाओं में पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर लगाए गए। जिले की 39 गौशालाओं के 14034 गौवंश तथा पंचशील स्थित कांजी हाउस में चिकित्सा अधिकारियों की टीम द्वारा 549 बांझ गौवंश का चिन्हीकरण किया गया तथा 629 गौवंश का मेजर एवं माइनर सर्जरी सहित उपचार किया गया।
उन्होंने बताया कि बांझपन निवारण योजना के अंतर्गत गठित चिकित्सा दलों द्वारा गौशालाओं में शिविरों का निरीक्षण किया गया। चिकित्सा दलों ने गौवंश के पीने के पानी की खेलियों की सफाई तथा चूने के घोल का छिड़काव भी करवाया।
उन्होंने बताया कि नव नियुक्त पशुधन निरीक्षकों को नूरीसिंह गौशाला अरड़का एवं श्री पुष्कर गौशाला, लोहागल रोड अजमेर में कृत्रिम गर्भाधान का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। चिन्हित बांझ गौवंश को आगामी दिनों तक खनिज लवणों की खुराक दी जाएगी तथा राज्य की फ्लेशिंग योजना के तहत सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले की सभी गौशालाओं में 14034 गौवंश का अप्रैल माह में मुंहपका-खुरपका रोग के सातवें चरण के अंतर्गत टीकाकरण भी किया जा चुका है।

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