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अजमेर सिन्धी समाज की पहल लॉकडाउन के दौरान सिन्धी सिखाने का चलाया अभियान  

कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के कारण घर पर ही कक्षा चलाकर दिया सिन्धी भाषा का ज्ञान              


अजमेर। पूज्य सिन्धी पंचायत अजमेर के पदाधिकारियो द्वारा कोरोना वायरस के दौरान लॉक डाउन के अन्तर्गत विश्व विख्यात सिन्धी सभ्यता एवं संस्कृति की सिन्धी भाषा को अपने अपने परिवार के सदस्यों को सिखाने का अभियान गुरूवार 26 मार्च से प्रारम्भ किया गया।कार्यक्रम के संयोजक एवं पंचायत के महासचिव रमेश लालवानी ने बताया कि उपरोक्त निर्णय अध्यक्ष भागचन्द दौलतानी एवं उपाध्यक्ष किशोर विधानी के नेतृत्व में लिया गया कि सिन्धी भाषी लोगो द्वारा धरो पर रहने के दौरान अपने अपने परिवार के सदस्यो को जो कि अ्रंगेजी, हिन्दी अथवा अन्य भाषा के माध्यम के विद्यालयो में अध्ययनरत है उनको अपनी मातृ भाषा सिन्धी सिखाई जाये। गुरूवार को यह क्रम विभिन्न क्षेत्रो से प्रारम्भ किया गया।
              
नानक का बेड़ा निवासी राजेश झूरानी ने अपने निवास पर परिवार के बच्चो भव्य झूरानी, पलक झूरानी, वनिशा झूरानी, तनुष झूरानी और शिवम झूरानी को मूल सिन्धी सिखाना प्रारम्भ किया। 


पूज्य सिन्धी पंचायत अजमेर के मदार निवासी ओम प्रकाश प्रीतमानी एवं पिता ने अपने परिवार के बच्चो को सिन्धी सिखाई। पूज्य सिन्धी पंचायत के महासचिव रमेश लालवानी ने हरि ओम कॉलोनी चन्द्रवरदाई नगर स्थित निवास पर पत्नि  जसोता लालवानी के साथ पुत्र प्रियेश लालवानी को सिन्धी सिखाई।


मनोज झामनानी ने अजय नगर स्थित निवास पर परिवार के हर्षा झामनानी, जितेशा झामनानी, निशा झामनानी, सीता देवी को


हरीश बच्चानी ने अजयनगर यूआईटी कालोनी निवास पर मुस्कान, भावेश, रोहित,निखिल,विसाखा को,


वैशाली नगर जनता कॉलोनी में तरूण लालवानी ने अपने परिवार के साक्षी लालवानी, हिरन्या लालवानी हर्षिल लालवानी, ह्रदय लालवानी को


वैशाली नगर निवासी सजनी भम्भानी एवं रीना भम्भानी ने गर्व भम्भानी और सौम्या भम्भानी को सिन्धी भाषा एवं लिपी सिखाना प्रारंभ किया।


संयोजक रमेश लालवानी ने बताया कि पंचायत के एडवोकेट पदम लखानी, अध्यापिका ज्योति तोलानी, किशोर विधानी, भागचन्द दौलतानी, प्रदीप साजनानी, चेतन मंगलानी, राजेन्द्र मूरजानी, भागचन्द दौलतानी, महन्त अर्जुनदास, महन्त टहलगिरी गोस्वामी, लाजवन्ती जयसिन्धानी, थांवरदास टोरानी, जसोता लालवानी,भगवान रूपानी, भागचन्द दौलतानी, महेश पिंजलानी आदि को अपने अपने स्तर पर धरो पर ही बचो को सिन्धी भाया सिखाने की जिम्मेदारी प्रदान की गई है और बताया है कि क्रम जारी रहेगा।  


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