जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित
बैठक में समयबद्ध भुगतान, डेटा अपडेट, लू-तापघात तैयारी और डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन जिला कलक्टर लोक बन्धु की अध्यक्षता में राजीव गांधी सभागार रीट कार्यालय में आयोजित किया गया। इसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर ज्योति ककवानी ने भाग लिया।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने बैठक में निर्देशित किया कि एनीमिया मुक्त कार्यक्रम के तहत शिक्षा विभाग समस्त लाभार्थियों की सूचना शाला दर्पण पोर्टाल पर फीड करवाया जाकर ग्रीष्म ऋतु अवकाश में बच्चों के लिए दवाएं उपलब्ध करवाई जाये तथा उनको दवा दी जाए। लाडो प्रोत्साहन के लिए चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि उनका भुगतान समय पर किया जाये तथा बडे चिकित्सालय वंचित प्रसूताओं से दस्तावेज प्राप्त कर भुगतान समय पर दिलवाए। समस्त कार्यों की समय पर डाटा संग्रहण कर विभिन्न सॉफ्टवेयर पर सूचना का इन्द्राज करवाए तथा अच्छे कार्यो को मीडिया में प्रसारित करवाए। मॉ योजना के तहत प्राप्त परिवेदनाओं को निस्तारण संवेदना के साथ गुणवत्तापूर्ण करवाए। लू-तापघात के लिए निर्देशित किया गया कि समस्त चिकित्सालय विशेष वार्ड तथा दवाओं की व्यवस्था रखें जिससे आमजन को उचित उपचार प्रदान किया जा सके। विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत साइटों पर दवाओं की उपलब्धता के लिए निर्देशित किया गया।
जिला कलक्टर ने बैठक में निर्देेश दिए कि मॉ बाउचर योजना से समस्त गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित करावे एवं उनका त्वरित गति से निस्तारण करें। मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत सभी सीएचसी स्तर के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ज्यादा से ज्यादा आईपीडी केस को टीआईडी जनरेट करवाते हुए आमजन को लाभान्वित करे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्स्ना रंगा ने मेडिलीपार में कार्य करने की जानकारी प्रदान की गई। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अजमेर जिला मॉडल जिले में चयनित किया गया है। इसकी जानकारी के साथ एबीडीएम के तहत डीएचआईएस में ज्यादा से ज्यादा चिकित्सालयों को रजिस्टर करने के निर्देश प्रदान किए गए। इससे चिकित्सालयों को नियमानुसार राशि प्राप्त हो सके एवं प्राप्त राशियों के उपयोग के दिशा निर्देश से अवगत कराया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अजमेर जिले को “Dedicated intervention & Life Saving STEMI Emergency (DILSE)” दिल से कार्यक्रम के तहत पायलेट परियोजना के तहत चयन की जानकारी प्रदान की गई। सभी को इसके दिशा निर्देश से अवगत कराया गया। इसमें हार्ट स्ट्रोक व अन्य रोग से ग्रसित व्यक्तियों को त्वरित उपचार के लिए चिकित्सालयों से उपचार के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. रामलाल द्वारा परिवार कल्याण प्रगति की समीक्षा विवरण प्रस्तुत किया गया एवं अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने-अपने क्षेत्रों में प्रसव अनुसार पीपीआयूसीडी का निवेशन एवं एफपीएलएमआईएस के तहत परिवार कल्याण सामग्री की मॉग समय पर किया जाना, एनीमिया कार्यक्रम के तहत दवाओं की उपलब्धता, एनक्वास एवं कायाकल्प के तहत ज्यादा से ज्यादा चिकित्सा संस्थानों का चयन तथा तदनुसार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने पर जोर दिया गया।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सिंदे स्वाति द्वारा आरसीएच गतिविधियों की समीक्षा की गयी। इसमें 12 सप्ताह पूर्व एएनसी जॉच, संस्थागत प्रसव, जेएसवाई का भुगतान, वैक्सीनेशन, पीएमएसएमए, यूविन में समय पर समय पर प्रगति दर्ज किए जाने के निर्देश प्रदान किए गए। एचपीवी वैक्शीन के तहत लाभार्थियों के मोबलाईजेशन के लिए शिक्षा विभाग से विशेष सहयोग की अपील की गई।
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामस्वरूप किराड़िया द्वारा वर्टिकल कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। इसमें एनसीडी कार्य यथा सीबैक फार्म, मरीजों की समय पर स्क्रीनिंग इत्यादि के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही मिशन मधुहारी, निःशुल्क डायलिसेस, पैलियाटिव केयर, रामाश्रय की जानकारी से अवगत कराया गया तथा इस के लिए ज्यादा से ज्यादा मरीजाें की पहचान कर चिन्हित केन्द्रों की जानकारी दी गयी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के तहत हाइरिस्क वाले 206 गॉव में कैम्प लगवा कर वहीं पर मरीजों के एक्सरे करवाए जा रहे है। साथ ही इस कैम्प में हाईरिस्क वाले मरीजों की पहचान कर कैम्प में ज्यादा से ज्यादा लाने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम के अन्य मानको अनुसार कार्य में प्रगति दर्ज करने के निर्देश प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त मिशन एड्स सुरक्षा की जानकारी से सदन को अवगत कराया गया।
जिला औषधि भण्डार के डॉ. मोहित देवल ने बताया कि आरएमएससीएल द्वारा मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा एवं जॉच योजना के तहत दवा पर्ची का इन्द्राज, दवाओं की उपलब्धता, निःशुल्क ईलाज, मरीजो की संतुष्टि आदि चिकित्सालय में सुनिश्चित किए जाने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही एबीडीएम के तहत रजिस्टर कर ज्यादा से ज्यादा लाभ के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बैठक में जिले के समस्त पीएमओ, बीसीएमओ, बीपीएम तथा चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों शहरी एवं ग्रामीण, विभिन्न विभागों केे प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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