विश्वविद्यालय की बेशकीमती भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मुहिम तेज
संभागीय आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को दिए कार्रवाई के निर्देश
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर की बेशकीमती भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण पहल हुई है। राजस्थान सरकार के कार्यालय संभागीय आयुक्त, अजमेर द्वारा जिला कलेक्टर, अजमेर को पत्र जारी कर विश्वविद्यालय की भूमि पर हुए अतिक्रमण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर की भूमि से अतिक्रमण हटाने के क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा भूमि सीमांकन संबंधी पत्र प्रेषित किया गया था। इसी संदर्भ में संभागीय आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन से प्रकरण में यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही करते हुए कार्यालय को अवगत कराने का अनुरोध किया है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए अजमेर के जिला प्रशासन एवं जिलाधीश से प्रभावी कार्यवाही का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की भूमि सार्वजनिक संपत्ति है तथा इसका संरक्षण विश्वविद्यालय और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कुलगुरु ने विश्वविद्यालय की भूमि को सभी प्रकार के अतिक्रमणों से मुक्त कराने की अपील भी की।
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि अतिरिक्त संभागीय आयुक्त द्वारा जारी पत्र की प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, लोक भवन, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय को भी प्रेषित कर दी गई है, ताकि इस महत्वपूर्ण विषय पर उच्च स्तर पर भी आवश्यक संज्ञान लिया जा सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय की परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रशासनिक एवं कानूनी स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा भविष्य में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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