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स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग : संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक आयोजित

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग : संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक आयोजित

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग : संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक आयोजित

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक मंगलवार को संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त दीप्ती शर्मा ने आक्षेप निस्तारण के लिए मनोयोग से प्रयास करने के लिए कहा। इसमें विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने संभाग की प्रगति से अवगत कराया। 

संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के लिए ऑडिट आवश्यक है। इसके अभाव में वित्त प्रबंधन का कार्य प्रभावित होता है। कार्यालयों में बकाया सामान्य आक्षेपांे, ए एवं बी श्रेणी आक्षेपों तथा गबन प्रकरणों का तत्काल प्रभाव से निस्तारण किया जाए। बकाया प्रथम अनुपालना प्रकरण एवं बकाया अंकेक्षण शुल्क संबंधित प्रकरणों का भी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लेबर सेस, जीएसटी एवं रॉयल्टी की नियमानुसार कटौती की जाए। आक्षेप निस्तारण में प्रगति दृष्टि गोचर होनी चाहिए। समायोजन एवं ऑडिट के लिए शिविर भी लगवाएं।

उन्होंने कहा कि विभिन्न आक्षेपों की अनुपालना रिपोर्ट लेखा अधिकारी नियंत्रण अधिकारी के माध्यम से निधि अंकेक्षण विभाग को भेजेंगे। विभिन्न स्तरों पर पेंडिंग वसूली प्रकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। इस प्रकार के प्रकरणों का गंभीरता के साथ त्वरित निस्तारण किया जाना चाहिए। इसके लिए अभियान की कार्य योजना तैयार की जाए। गबन के प्रकरणों पर प्राथमिकता के साथ नोटिस देने के उपरांत एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की जाए। यह कार्य नियंत्रण अधिकारी के द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संस्थाओं द्वारा मितव्ययता के साथ जनता के धन का सदुपयोग करना चाहिए। ऑडिट पैरा की पालना के समय समस्त दस्तावेज संलग्न करने आवश्यक है। न्यून प्रगति वाले कार्यालयों को आगामी बैठक से पूर्व आक्षेपों एवं गबन प्रकरणों का निस्तारण करना चाहिए। इन संस्थाओं को अधिकतम आक्षेप निस्तारित करने चाहिए। कम प्रगति वालों को प्रति माह बुलाकर कार्य की समीक्षा की जानी चाहिए। आक्षेपों के जवाबों को फॉलो भी करें।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कार्मिकों को लेखा संबंधित जानकारी से अपडेट रहना चाहिए। नियमानुसार कार्य करने से भविष्य में आक्षेप लगने की संभावना कम हो जाती है। नियमों के संबंध मंे स्पष्टता के लिए विभिन्न स्तरों पर वार्तालाप एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया जाना चाहिए। सक्षम अधिकारी बैठक में उपस्थित रहने चाहिए। लेखाधिकारी स्तर पर ड्रॉप होने वाले पैरा के लिए अभियान चलाने की आवश्यकता है।

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