उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 : जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
आयोग के निर्देशों की पालना करने के दिए निर्देश
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित हुई उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का जिला कलक्टर लोक बंधु एवं पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अगरवाला के द्वारा निरीक्षण किया गया। सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करने के साथ ही परीक्षार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के आवश्यक दिशा-निर्देश भी संबंधित परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों को प्रदान किए गए।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने राजकीय विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां पर परिक्षार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता को बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाए। परीक्षा केंद्रों पर वीडियोग्राफी पूरी तरह डिजिटल सुरक्षा मानकों से लैस हो। रिकॉर्डिंग में रियल टाइम डेट और टाइम स्टैम्प का होना अनिवार्य है।
उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) सुनिश्चित करने के लिए मेटल डिटेक्टर से लैस महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी तैनात होने के संबंध में निरीक्षण किया। किसी भी अप्रिय स्थिति या तकनीक के माध्यम से होने वाली नकल को रोकने के लिए केंद्रों पर प्रवेश से पहले त्रि-स्तरीय जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षार्थियों को ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना करें। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता और पेंट-पायजामा के साथ हवाई चप्पल या स्लीपर पहनकर आने की अनुमति है। वहीं, महिला अभ्यर्थी सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज और साधारण रबर बैंड लगाकर आ सकती है। सुरक्षा जांच में सहयोग के उद्देश्य से जूते और पूरी आस्तीन के कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी प्रकार के आभूषण, घड़ी, चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, टोपी और स्कार्फ जैसे सामान पहनकर केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए। सुरक्षा जांच के दौरान यदि कोई अन्य संदिग्ध वस्तु पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाए। गहन फ्रिस्किंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अभ्यर्थी केंद्र के भीतर आपत्तिजनक सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न ले जा सके।
परीक्षा केंद्रों की परिधि में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित साइबर कैफे एवं ई-मित्र केंद्रों को परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखने की भी जांच की गई। विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षी अधिकारीयों को सहयोग प्रदान करें।
पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अगरवाला ने कहा कि पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों एवं ईएनटी चिकित्सकों के सहयोग से ब्लूटूथ जैसे किसी डिवाइस का उपयोग करने वालों पर भी गहरी नजर रखी जाए। परीक्षा केन्द्रों पर जांच के दौरान सूक्ष्म से सूक्ष्म ब्लूटूथ डिवाइस को आसानी से पहचान करने के लिए विशेष जांच की जाए।

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