Ticker

6/recent/ticker-posts

एच.के.एच. स्कूल के स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित

एच.के.एच. स्कूल के स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित

एच.के.एच. स्कूल के स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। एच.के.एच. विद्यालय के 24 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 70 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। विद्यालय के चेयरमैन मोतीलाल ठाकुर ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही मानव कल्याण का यह पुनीत कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका है। उन्होंने समस्त अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सहकर्मियों को विद्यालय के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय अध्यक्ष अजय ठाकुर, शैक्षिक निदेशिका किरण ठाकुर, प्राचार्या सुश्री मधु गोयल तथा प्रधान अध्यापिका श्रीमती रीना करणा के करकमलों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

तत्पश्चात कक्षा 10 ’अ’ के कुशाग्र जोशी एवं कक्षा 9 ’स’ की सुरभि चौधरी ने विद्यालय के प्रति अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थी का दूसरा घर होता है, जहाँ वह जीवन-मूल्यों के साथ अपने कर्मक्षेत्र में आगे बढ़ने का ज्ञान प्राप्त करता है।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने विद्यालय गीत प्रस्तुत किया। वहीं कक्षा 6, 7 एवं 8 के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से विद्यालय से प्राप्त शिक्षा तथा विद्यालय की 24 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा की झाँकी प्रस्तुत कर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।

प्रवृत्ति प्रभारी ज्योति गोयल ने बताया कि इस अवसर पर सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 40 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

विद्यालय की शैक्षिक निदेशिका किरण ठाकुर ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वर्ष 2003 में लगाया गया शिक्षा का यह बीज आज एक विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है। विद्यालय अपने मूल उद्देश्यों को साकार करते हुए शिक्षा एवं सहशैक्षिक गतिविधियों के क्षेत्र में निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है।

अंत में विद्यालय की प्राचार्या मधु गोयल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, सहयोग, सीखने की ललक तथा स्वयं में सतत सुधार ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों को अपनाते हुए विद्यालय ने 24 वर्षों की सफल यात्रा पूर्ण कर अब अपने 25वें वर्ष अर्थात रजत जयंती की ओर बढ़ रहा है, जो विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव एवं हर्ष का विषय है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ