राज्य सरकार के ग्रीन बजट के तहत अजमेर में सोलर रूफ टॉप परियोजनाओं का विस्तार
सरकारी भवनों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राजस्थान सरकार के ग्रीन बजट के अंतर्गत सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लक्ष्य की दिशा में अजमेर जिले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग भवन पर 250 किलोवाट के सोलर रूफ टॉप प्लांट की स्थापना के बाद अब अजमेर सर्किट हाउस में 80 किलोवाट तथा हाथी भाटा पावर हाउस में 80 किलोवाट क्षमता के सोलर रूफ टॉप प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए गए हैं। इन दोनों परिसरों में स्थापित सोलर संयंत्रों से प्रतिवर्ष लगभग 24 लाख रुपये के बिजली बिल की बचत होने का अनुमान है।
जिला कलक्टर के साथ समन्वय स्थापित कर राज्य सरकार द्वारा अधिकृत फर्म एसजेवी इंफ्रा द्वारा यह संयंत्र स्थापित किए गए हैं। फर्म के निदेशक अश्विनी चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शीघ्र ही अजमेर जिले के सभी सरकारी भवनों एवं उपक्रमों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। इससे जिला ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
राजस्थान राज्य सौर ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से देश के अग्रणी राज्यों में है। यहां वर्ष के अधिकांश दिनों में प्रचुर एवं सीधी धूप उपलब्ध रहती है, जो सोलर ऊर्जा उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। ग्रीन बजट, रूफ टॉप सोलर पॉलिसी तथा नेट मीटरिंग जैसी सरकारी पहलों से सरकारी विभागों के साथ आम नागरिकों को भी नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
सरकारी भवनों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्रों की यह ऊर्जा लागत को कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और सतत विकास के लक्ष्यों को भी सशक्त बनाएगी। अजमेर में सर्किट हाउस एवं हाथी भाटा पावर हाउस में स्थापित ये संयंत्र अन्य विभागों के लिए भी एक रोल मॉडल के रूप में कार्य करेंगे।

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