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त्रिपुरा के राज्यपाल इन्द्रसेना रेड्डी नल्लु ने किया साई मंदिर के सोम द्वार का शुभारम्भ


त्रिपुरा के राज्यपाल इन्द्रसेना रेड्डी नल्लु ने किया साई मंदिर के सोम द्वार का शुभारम्भ

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। खरेखड़ी रोड़ पुष्कर स्थित साईदत्त विकास साईधाम में मंगलवार को साई मंदिर के सोम द्वार का शुभारम्भ विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया गया। साईदत्त विकास साईधाम के संस्थापक विकास रूणवाल ने ट्रस्ट द्वारा करवाए विकास कार्यों से अवगत कराया। इसका निर्माण करवाने वाले चौरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक विकास रूणवाल, जिला कलक्टर लोक बन्धु, पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अगरवाला के द्वारा पूजा अर्चना की गई। त्रिपुरा के राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वैदिक मंत्रोचारण के साथ पूजा अर्चना सम्पन्न हुई।

इसके साथ-साथ नवग्रह मंदिर तथा 24 तीर्थंकर मंदिर को नमन किया। श्री गणेश, दुर्गा माता, लक्ष्मी माता, सरस्वती माता, विट्ठल रूक्मणी, राधाकृष्ण मंदिर में भी पूजा करने के पश्चात, 11 मुखी हनुमान मंदिर और शिव मंदिर में शीश नवाया।

त्रिपुरा के राज्यपाल इन्द्रसेना रेड्डी नल्लु ने मीडियाकर्मियों के साथ वार्ता में कहा कि संपूर्ण विश्व में शांति के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई है। शांति के लिए सर्वजन को प्रार्थना करनी चाहिए। साथ ही रूणवाल द्वारा व्यक्तियों की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, आपसी सम्बन्धों सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए अभिमंत्रित जल, बाम और तेल देकर आमजन का समाधान किया जा रहा है।

संस्थापक विकास रूणवाल ने बताया कि साई मंदिर के लिए काला पत्थर महाराष्ट्र से लाया गया है। मुख्य शिरडी मंदिर के समान तथा बराबर आकार की मूर्ति यहां स्थापित है। यहां नवग्रह वाटिका, राशि नवग्रह वाटिका, पंचवटी वाटिका, 24 तीर्थंकर वाटिका, 16 योग माता मंदिर, शनि शिंगणापुुर मंदिर, शिव परिवार, विठ्ठल रूक्मणी, राधाकृष्ण, रूद्रावतार सहित 61 मंदिर विद्यमान है। कुल 22 बीघा में विस्तारित परिसर में 5 हजार वर्ग फीट की योग वाटिका भी है। प्रत्येक मंदिर एक पेड़ प्रजाति से जुड़ा हुआ है। पर्यावरण सरंक्षण के लिए रिसाईकल जल का उपयोग किया जाता है। बूंद-बूंद पद्धति अपनाई गई है। वन्य जीवों के लिए चारों और एनीकट बनाकर हमेशा जल उपलब्ध कराया जाता है।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर चंद्रशेखर भंडारी, उपखंड अधिकारी गुरु प्रसाद कंवर, निवृत्तमान अध्यक्ष कमल पाठक सहित गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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