Ticker

6/recent/ticker-posts

अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही विद्यार्थी करे अपने सपने पूरे - संत हनुमानराम

अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही विद्यार्थी करे अपने सपने पूरे - संत हनुमानराम

अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही विद्यार्थी करे अपने सपने पूरे - संत हनुमानराम

विद्यार्थी ज्ञान से अपने शहर अजमेर और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकता हैं : चोयल

39वां प्रतिभावान सम्मान समारोह में 10वीं के 150 विद्यार्थी हुए सम्मानित


अजमेर (अजमेर मुस्कान)। स्वामी हिरदाराम के प्रेरणा से सांई बाबा मन्दिर ट्रस्ट, शान्तात्मा व्यास एवं मेघीतुलसी किशनानी स्मृति संस्थान, अजमेर व स्वामी समूह के संयुक्त तत्वाधान 21 वर्षों से आयोजित 39वां प्रतिभावान सम्मान समारोह में राजस्थान बोर्ड और सी.बी.एस.ई. परीक्षा 10वीं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले 150 विद्यार्थियों का सम्मान रसोई बेनकॉट हॉल में किया गया।

आर्शीवाद शान्तानन्द उदासीन आश्रम के स्वामी हनुमानराम उदासीन, आशीर्वाद देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी अपने आप का मूल्यांकन करें और शिक्षा के स्तर को और अधिक श्रेष्ठ बनाते हुए जीवन के लक्षण को प्राप्त करें उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में संस्कार जरूरी है जिससे सफल जीवन की ओर अग्रसर होना आसान रहता है, प्रतिभा का सम्मान समाज को नई ऊर्जा देता है और मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है।

समारोह के मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध उद्योगपति, मोटिवेटर व लेखक आर.एस. चोयल ने शहर की प्रतिभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा वह हथियार है जो आपको वह तलवार देती है जिसके दोनों तरफ धार होती है अर्थात ज्ञान से न केवल अपना समाज राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं अपितु अपने जीवन को उत्कृष्ट बना सकते हैं उन्होंने कहा कि इसके लिए अध्ययन करना जरूरी है साथ ही अच्छे सही का होना भी आवश्यक है किसी भी परिस्थिति में अगर आपके पास शिक्षा साथ में है तो किसी तरह की परेशानी नहीं होगी शिक्षा के माध्यम से उद्योगपति और अपने स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने का भी साधन बन जाता है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भावनाओं से प्रेरित होकर आध्यात्मिक की ओर चिंतन करना जरूरी है पूर्व में समांतर की शिक्षा ग्रहण करते हुए सभी लोग समान अवसर पाते थे और देश की प्रगति में भागीदार बनते थे वर्तमान में कहीं तरह से शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन लाया जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांई बाबा ट्रस्टी महेश तेजवानी ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करे तो सारी शक्तियां आपके साथ जुड़ जाती है। लक्ष्य निर्धारित कर अनवरत् आगे बढते चले।

विशिष्ट अतिथि लेखक व चितंक गिरधर तेजवानी ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने का सशक्त साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने का संदेश दिया।  अन्तर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी विनीत लोहिया ने कहा विज्ञान ने नियम सिखाए, खेल हारकर उठना सिखाएगा। इतिहास ने युद्ध सिखाए, खेल बिना नफरत के जीतना सिखाएगा। आप जब मैदान में उतरेगे तो आप सिर्फ खिलाड़ी नहीं, कप्तान बनेगे।

उद्योगपति रामचन्द्र गुलाबानी ने कहा कि बच्चों का माता-पिता व गुरूजनों की राह पर चले व इंसानियत को आगे रख शिक्षा में अपना नाम रोशन करे। भारतीय सिंधु सभा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि विद्या के साथ-साथ सस्कारवान बने व अपने माता-पिता व गुरूजनों का नाम रोशन करें।  द्रोण अकादमी के जय किशन ने कहा कि हम एकलव्य शिक्षा मिशन के तहत 50 विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत स्पोन्सरशिप दे रहे है, आज इनमें से 10 विद्यार्थियों को चयनित कर निःशुल्क ट्यूशन दी जायेगी।

मंच संचालन दिशा प्रकाश किशनानी ने किया। सभी का धन्यवाद हरी चंदनानी ने दिया। कार्यक्रम के शुभारंभ में माँ सरस्वती व स्वामी हिरदारामजी की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित किया गया।

कंवल प्रकाश किशनानी ने बताया कि सम्मान समारोह में राजस्थान बोर्ड और सी.बी.एस.ई. परीक्षा 10वीं के 85 से अधिक प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले 150 विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। टॉप 10 में आने वाले विद्यार्थियों में हर्षिता गोरानी, भानवी, सानिया, एन्जिल, ज्योति, अनन्या खींची, देवेन्द्र, मीमांसा शर्मा, कशिश व काजल रावत को अभिनन्दन पत्र, स्मृति चिन्ह, श्रीफल एवं अजमेर एट ग्लांस, हिंगलाज शक्तिपीठ जैसी ज्ञानवर्धक पुस्तकें भेंट की गईं तथा टॉप तीन विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सुरेश सिंधी, सोनिया बीजावत, प्रकाश जेठरा, हरीश तनवानी, विष्णु अवतार भार्गव, कुसुम आर्य, शंकर बदलानी, हरकिशन टेकचंदानी, राजेश गिदवानी, पुरषोतम तेजवानी, रमेश टिलवानी, भगवान साधवानी, उत्तमचंद गुरबक्षानी सहित अतिथि व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ