महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों एवं लिंग आधारित हिंसा समाप्त करने के जागरूकता कार्यक्रम आरंभ
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महिला अधिकारिता की उप निदेशक मेघा रतन ने बताया कि समाज के बदलते परिवेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों एवं लिंग आधारित हिंसा समाप्त करने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देेेते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं विभाग द्वारा 25 नवम्बर अन्तर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस से 10 दिसम्बर मानवाधिकार दिवस की अवधि को दुनिया भर में लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने के पखवाडे के रूप में जिले में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग ने जागरूता कार्यक्रम अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए गए है।
उन्होने बताया कि विभाग की पर्यवेक्षक एवं पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केन्द्र एवं जिला हब, वन स्टॉप सेण्टर सखी केन्द्र द्वारा जिला मुख्यालय तथा जिले के ब्लॉक में साथिनों, महावि़द्यालयों, विद्यालयों एवं सहित स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस थाना सुरक्षा सखी एवं महिला पुलिस कर्मियों के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होने बताया कि 25 नवम्बर को कार्यक्रम एवं अभियान की शुरूआत राजकीय उच्च अध्ययन शिक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र मीरशॉहअली में किया गया। इसमें प्रशिक्षण केन्द्र के अध्यापक एवं स्टाफ सहित लगभग 50 से भी अधिक संभागीणों ने सहभागिता की 26 नवम्बर को टॉक शिक्षा निकेतन लोहागल एवं राजकीय महाविधालय नसीराबाद में लगभग 200 संभागीणों ने सहभागिता की है। 27 नवम्बर को ब्रॉईट इण्डिया शिक्षण संस्थान वरूण सागर रोड़ एवं ब्लॉंक श्रीनगर में आयोजित किया गया। इसमें लगभग 150 संभागीगणों ने सहभागिता की है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के साथ-साथ बाल विवाह के खिलाफ शपथ कार्यक्रम भी महाविद्यालयों एवं विद्यालयों सहित अन्य कार्यक्रम स्थल पर आयोजित करवाया जा रहा है।
सभी नागरिकों एवं महिला पुलिस कर्मियों एवं सुरक्षा सखी केन्द्रों से अपील है कि वे इस अभियान को जिले में सफल बनाने के लिए अधिक-अधिक लाभान्वितों को इससे जोड़े ताकि सरकार की महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों एवं लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने की मूल भावना कार्यान्वित हो सके। इसके लिए विभाग के इन केन्द्रों के प्रतिनिधियों को आवश्यक सहयोग प्रदान कराएं।

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