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प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर विशेष शिविरों का होगा आयोजन

प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर विशेष शिविरों का होगा आयोजन

प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर विशेष शिविरों का होगा आयोजन

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। पशुपालकों एवं कृषकों को लाभांवित करने के लिए गिरदावर क्षैत्र के अनुसार 23 जनवरी से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

जिला कलक्टर लोक बन्धु ने बताया कि जिले में प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर एक दिवसीय विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक कृषकों एवं पशुपालकों की ग्राम 2026 में सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी एवं संबंधितों को लाभ पहुँचाया जाएगा। शुक्रवार 23 जनवरी को बंसत पंचमी से इन शिविरों का शुभारम्भ होगा। ये शिविर 24, 25 एवं 31 जनवरी तथा एक फरवरी एवं 5-9 फरवरी (10 दिवस) को प्रत्येक गिरदावर वृत्त पर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक कृषि उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा उद्योग, आपदा प्रबन्धन, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं उपस्थित रहते हुए विभागीय योजनाओं से आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। शिविर स्थल (संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित अटल सेवा केन्द्र, पंचायत मुख्यालय, विद्यालय) पर आयोजित किए जाएगें। 

उन्होंने बताया कि शिविरों के लिए जिला नोडल प्रभारी अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर वंदना खोरवाल एवं सहायक नोडल अधिकारी जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शिवदान सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग एवं रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग होगें। शिविर प्रभारी विकास अधिकारी संबंधित पंचायत समिति एवं सहायक शिविर प्रभारी कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी होगें। समस्त उपखण्ड अधिकारी इन शिविरों में पर्यवेक्षणीय अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए शिविरों का संचालन सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार 23 जनवरी को अजमेर के अरड़का, किशनगढ़ के पाटन, अरांई के सिरोंज, पुष्कर के कडैल, भिनाय के बांदनवाडा, सावर के सावर, सरवाड़ के फतहगढ़, पीसांगन के केसरपुरा, रूपनगढ़ के थल, केकड़ी के केकड़ी तथा नसीराबाद के श्रीनगर एवं रामसर भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे। इसी प्रकार शनिवार 24 जनवरी को अजमेर के नरवर, किशनगढ़ के खातौली, अरांई के भोगादीत, भिनाय के सिंगावल, सावर के घटियाली, सरवाड़ के हरपुरा, पीसांगन के जेठाना, रूपनगढ़ के करकडी, केकड़ी के कालेडा कृष्ण गोपाल, नसीराबाद के देराठू एवं कानपुरा भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे।

उन्होंने बताया कि रविवार 25 जनवरी को अजमेर के परबतपुरा, किशनगढ़ के बरना, अरांई के अरांई, भिनाय के छछूंदरा, सावर के बाजटा, सरवाड़ के मनोहरपुरा, पीसांगन के मांगलियावास, केकड़ी के पारा, नसीराबाद के लोहरवाडा एवं लवेरा भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे। इसी प्रकार आगामी 31 जनवरी को अजमेर के बीर, किशनगढ़ के रलावता, भिनाय के धांतोल, सावर के मेंहरूकलां, सरवाड़ के गोयला, पीसांगन के करनोस, रूपनगढ़ के भदून, केकड़ी के गुलगांव, नसीराबाद के साम्प्रोदा एवं बाघसूरी भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे।

उन्होंने बताया कि आगामी एक फरवरी को अजमेर के अजमेर द्वितीय एवं तबीजी, किशनगढ़ के बांदरसिंदरी, भिनाय के एकलसिंगा, सावर के पीपलाज, सरवाड़ के डबरेला एवं टांटोटी, पीसांगन के नागेलाव, केकड़ी के जुनियां, नसीराबाद के मवशिया एवं तिलाना भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे। इसी प्रकार 5 फरवरी को अजमेर के गेगल एवं गगवाना, किशनगढ़ के सिलोरा, अरांई के ढसूक, पुष्कर के नांद, भिनाय के देवलियांकलां, सरवाड़ के सराना एवं बोराडा, पीसांगन के पिचोलिया, रूपनगढ़ के हरमाडा, केकड़ी के देवगांव, नसीराबाद के झडवासा भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे।

उन्होंने बताया कि 6 फरवरी को अजमेर के अजमेर प्रथम एवं नारेली, किशनगढ़ के किशनगढ़, अरांई के आकोडिया, भिनाय के नागोला, सरवाड़ के अजगरा एवं सांपला, पीसांगन के गोविंदगढ़, रूपनगढ़ के कोटडी, केकड़ी के बघेरा, नसीराबाद के राजगढ़ भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे। इसी प्रकार 7 फरवरी को अजमेर के भूडोल, अरांई के लाम्बा, भिनाय के कनैईकलां, सरवाड़ के शेरगढ़ एवं भगवानपुरा, पीसांगन के ब्रिडक्चियावास, रूपनगढ़ के रूपनगढ़, केकड़ी के मेवदाकलां, नसीराबाद के दिलवाडा भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे।

उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को अजमेर के अजमेर तृतीय एवं माकड़वाली, भिनाय के नांदसी एवं चांपानेरी, सरवाड़ के हिंगोनियां एवं स्यार, केकड़ी के खवास, नसीराबाद के कानाखेडी भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे। इसी प्रकार 9 फरवरी को अजमेर के सराधना, अरांई के दादिया, पुष्कर के पुष्कर, भिनाय के भिनाय, सरवाड़ के सरवाड़, पीसांगन के पीसांगन, केकड़ी के कादेडा, नसीराबाद के भवानीखेडा भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में शिविर आयोजित होंगे।

उन्होंने बताया कि शिविरों के माध्यम से कई कार्य कर आमजन को राहत प्रदान की जाएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज पीएम आवास योजनान्तर्गत निर्मित आवासों का गृह प्रवेश एवं चाबी सुपुर्दगी करना। वीबी-जीआरएएम-जी की जानकारी प्रदान की जाएगी। दीनदयाल उपाध्याय योजना का सर्वेकार्य पूर्ण करना। स्वामित्व कार्ड वितरण करना। अनुपयोगी विद्यालय भवन में नई स्वीकृत ग्राम पंचायत का कार्यालय प्रारम्भ करना। आपदा प्रबंधन द्वारा एसडीआरएफ शेष अनुदान राशि डीबीटी करना। उद्योग द्वारा युवा स्वरोजगार आवेदन तैयार करना।

उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा तार बंदी, डिग्गियां, पाईप लाइन, फार्म पौण्ड, फव्वारा एवं ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर संयत्र इत्यादि की स्वीकृतियां की जाएगी। बैलों से खेत जोतने पर 30 हजार प्रोत्साहन राशि की स्वीकृतियां जारी होगी। फसल बीमा एवं एमएसीपी पर जानकारी दी जाएगी। कृषि योजनाओं एवं आधुनिक यंत्रों का प्रदर्शन एवं जानकारी की जाएगी। सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण होंगे। सोलर पम्प आवेदन तैयार किए जाएंगे। पॉली हाउस से वंचित प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक आवेदन तैयार करने होंगे। मिनी किट एवं बीज वितरण का सत्यापन कर डेटा बेस तैयार करना होगा। 

उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा डब्ल्यूयूए को सक्रिय करना। वंदे गंगा संरक्षण अभियान की जानकारी दी जाएगी। नहरों एवं खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का विन्हिकरण करना। कृषि विपणन विभाग द्वारा पीएमएसएमई के आवेदन पत्र तैयार करवाना। मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के अन्तर्गत प्राप्त आवेदनों का निस्तारण करना। गिरदावर सर्किल में आने वाले बस स्टैण्ड पर अगर रोडवेज या अन्य किसी विभाग द्वारा यात्रियों के लिए विश्राम स्थल नही बनाया गया है तो मण्डी की बचत के आधार पर किसान विश्राम स्थल निर्माण के प्रस्ताव तैयार करना जैसे कार्य किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा किसान केडिट कार्ड आवेदन पत्र प्राप्त करना। एनसीओएल, एनसीईएल सदस्यता आवेदन प्राप्त करना। नवीन गोदाम (100, 250, 500 एमटी) आवेदन तैयार करना। डीसीएस द्वारा सहकारी बैंक में खाता खोलना। एसएचजी को ऋण आवेदन। कृषि एवं गैर कृषि 5 प्रतिशत व्याज अनुदान योजना के आवेदन तैयार करवाना। सहकारित सदस्यता आवेदन अभियान  एवं पूर्व आवेदन स्वीकृतिया। नए कस्टम हायरिंग सेन्टर के आवेदन तैयार करवाना। सहकारी ऋण योजना की जानकारी देना के कार्य होंगे।

उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करना। पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधि पिलाना। क्लासिकल स्वाइन फीवर रोग प्रतिरोध टीकाकरण। यथा संभव पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान। फर्टिलिटी किट का वितरण। पशु आहार एवं खनिज मिश्रण वितरण। विभागीय योजना एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान किया जाना। गौशाला विकास योजना की जानकारी देकर पशुपालकों को लाभांवित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि डेयरी द्वारा पीडीसीएस पंजीयन, डीसीएस पंजीयन, नवीन सदस्यता, डीसीएस को सरस दूध आवंटन एवं नए बूथ एवं मार्टस का आवंटन, सहकारी ऋण, ऊर्जा विभाग द्वारा पीएम सूर्य घर योजनान्तर्गत पंजीयन करना, मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रचार प्रसार, फार्म पौण्ड में मछली पालन की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।

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