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लॉकडाउन : खाली समय का उपयोग परिंदों के दानापानी एवं आवास व्यवस्था में

सोशल डिस्टेंस एवं सावधानी का पूरा ध्यान
अजमेर। कोरोना वायरस के कारण सभी अपने अपने घरों में कैद है । समय पास करने के लिए सभी अपने अपने हिसाब से दिनचर्या से कार्य कर रहे है । लायंस क्लब अजमेर पृथ्वीराज द्वारा हर वर्ष गर्मियों में मूक एवम बेजुबान पक्षियों के लिए परिंडे, चुग्गापात्र एवम घोंसले वितरित करता है । उसी की तैयारियों को लेकर इस खाली समय का सदुपयोग कर रहे है । बैंक ऑफ बड़ौदा से सेवानिवृत्त अशोक जैन के वैशालीनगर स्थित आवास पर चुग्गापात्र एवम घोसलों को बनाया जा रहा है । 


इस कार्य मे उनकी पत्नी प्रेमलता जैन एवम समाजसेवी लायन राजेन्द्र गांधी भी सहयोग कर रहे है । पुरानी खाली बोत्तल एवम प्लेट से चुग्गापात्र तैयार किया जा रहे है । इसमे पक्षियों के बैठने एवम दाना चुगने के लिए जगह, गिलहरियों के खाने के लिए प्लेट होती है। लटकाने के लिए बोतल के ढक्कन पर हुक भी लगाया गया है। बोटल में किये गए छेद से दाना निकलता रहता है। इससे अनाज की बर्बादी भी नही होती। इसी तरह लकड़ी से बने घोसले भी आकर्षक एवम सजावटी रूप में बनाये जा रहे है जिससे लोग घरों में लगा सके । इसमे घरेलु गौरैया चिड़िया अपना घोंसला बना लेती है । पुराने घरों में खिड़कियां, मोखे, जलियां होती थी जिनमे चिड़िया तिनके तिनके जोड़ कर अपना घर बनाती थी । मगर आधुनिक मकानों में इन सबका अभाव होने से गौरैया को परेशानी होती है । इन आकर्षक कलर किये घोसले लगाने से मकान की सुंदरता भी बढ़ती है और चिड़िया का घर भी बन जाता है । इस कार्य मे पारुल जैन का भी सहयोग रहता है । इनको बनाते समय सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा जाता है एवम सेनेटाइजर का उपयोग करते हुए पूरी सावधानी रखी जाती है ।


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