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जनगणना के आंकड़े ही भावी भारत की नींव, एक भी गलत एंट्री योजनाओं को प्रभावित कर सकती है- जिला कलक्टर

जनगणना के आंकड़े ही भावी भारत की नींव, एक भी गलत एंट्री योजनाओं को प्रभावित कर सकती है- जिला कलक्टर

जनगणना के आंकड़े ही भावी भारत की नींव, एक भी गलत एंट्री योजनाओं को प्रभावित कर सकती है- जिला कलक्टर

अजमेर में 16वीं जनगणना (डिजिटल) का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आरम्भ

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। भारत की आगामी 16वीं जनगणना-2027 (प्रथम चरण) के सुचारु संपादन के लिए सोमवार को सिविल लाइन्स स्थित डिजाइन ईकोल महाविद्यालय में पाँच दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी लोक बंधु ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर जिला कलक्टर ने उपस्थित नियमित सहायकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए डेटा की गुणवत्ता और शुद्धता को जनगणना की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना महज आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास का दर्पण है। अगले एक दशक तक देश की खाद्य सुरक्षा, आवास और शिक्षा जैसी तमाम कल्याणकारी योजनाएं इन्ही आंकड़ों पर निर्भर करेंगी। अतः एक भी गलत एंट्री या लापरवाही, विकास की दिशा को प्रभावित कर सकती है।

डिजिटल क्रांति की शुरूआत

जिला कलक्टर ने कहा कि भारत में जनगणना का कार्य वर्ष 1881 से निरंतर किया जा रहा है। वर्ष 2027 की यह 16वीं जनगणना ऎतिहासिक है क्योंकि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। अब हम कागज-पेन से आगे बढ़कर मोबाइल ऎप्स और सीएमएमएस पोर्टल के युग में प्रवेश कर चुके हैं। यह पेपरलेस प्रक्रिया की ओर एक ऎतिहासिक कदम है। उन्होंने सभी तकनीकी सहायकों को निर्देश दिए कि वे मोबाइल ऎप और सीएमएमएस पोर्टल की बारीकियों को गंभीरता से समझें। इससे फील्ड में जीरो एरर के साथ कार्य संपन्न हो सकेगा।

नीति निर्माण की आधारशिला है डेटा

डेटा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि ये केंद्र और राज्य सरकारों के नीति-निर्माण का आधार हैं। बजट का आवंटन और विभिन्न सेक्टर्स के लिए कल्याणकारी योजनाएं इन्हीं आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। इसलिए डेटा की शुद्धता, गुणवत्ता और गोपनीयता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ब्लॉक निर्माण में सावधानी बरतने के निर्देश

तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने ब्लॉक फॉरर्मेशन को जनगणना की रीढ़ बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड में कार्य करने वाले प्रगणकों को कोई समस्या नहीं आए। इसके लिए 150 से 180 घरों (700-800 जनसंख्या) के छोटे और स्पष्ट ब्लॉक बनाए जाएं। ब्लॉक निर्माण में हुई एक भी गलती आगे चलकर पूरे डेटा को प्रभावित कर सकती है।

मई-जून में होगा प्रथम चरण

कलक्टर ने जानकारी दी कि आगामी माह मई-जून में मकानसूचीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके बाद फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा।

जयपुर से आए विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग

कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय जयपुर के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स टीम ने प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण, मकान गणना और नजरी नक्शा तैयार करने का तकनीकी प्रशिक्षण दिया।

संयुक्त निदेशक एवं उप जिला जनगणना अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी) फूल सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 16 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। प्रथम चरण में नियमित सहायकों को और द्वितीय चरण में चार्ज अधिकारियों (तहसीलदार/ ईओ) एवं अति. चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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