आपातकाल के पचास वर्ष पर आधारित युवा संसद में पांच प्रतिभागियों का हुआ चयन
माय भारत अजमेर एवं सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर द्वारा किया गया आयोजन
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। माय भारत अजमेर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना व सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय विकसित भारत 'युवा संसद 2026' का आयोजन 26 फरवरी को किया गया । आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक डॉ हरभान सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का विषय "आपातकाल के पचास वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक" रहा जिसमें अजमेर जिले के युवाओं ने उत्साहपूर्वक अपनी विचाराभिव्यक्ति प्रस्तुत की। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ एवं अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शक्ति सिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में उन्होंने कार्यक्रम के विषय को अत्यंत प्रासंगिक एवं महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवा संसद जैसे आयोजन आज के समय की महती आवश्यकता है जो छात्रों में कौशल उन्नयन के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति उनके दायित्व की अनुभूति करवाता है। 1975 के आपातकाल को उन्होंने भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए इसे एक ऐतिहासिक विकृति बताया जिसके अनेकानेक दुष्परिणाम भारत राष्ट्र ने झेले ।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इस बात पर गर्व महसूस करें कि वे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिक हैं जहां लोकतंत्र प्राचीन काल में भी प्रचलन में था। उन्होंने सन् 1991 के आर्थिक सुधारों का जिक्र किया । उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय लोकतंत्र अत्यंत मजबूत हुआ है एवं देश तकनीकी एवं आर्थिक रूप से समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर मनोज कुमार बहरवाल ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन के माध्यम से उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण की इस प्रकार की सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेकर भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने का प्रण लेवें। उन्होंने आगंतुक अतिथियों एवं निर्णायक गणों का स्वागत करते हुए उन्हें पधारने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को अधिकाधिक पुस्तकें पढने का संदेश भी दिया। उद्घाटन सत्र में प्रोफेसर अनिल कुमार दाधीच, सहायक निदेशक कॉलेज शिक्षा, अजमेर संभाग भी उपस्थित रहे। युवा-संसद कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला युवा अधिकारी,माय भारत अजमेर श्री जयेश मीना ने बताया कि प्रतियोगिता के टॉप पांच विजेता राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे एवं मार्च माह के मध्य में राष्ट्रस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 से 25 वर्ष के युवा इसमें भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ आशुतोष पारीक, डॉक्टर उमेश दत्त, डॉक्टर विजय कुमार एवं डॉक्टर सीमा गोठवाल का विशेष योगदान रहा।
युवा संसद में प्रतियोगिता के निर्णायक गण प्रोफेसर अनिल उपाध्याय सेवानिवृत प्राचार्य, डॉ मोहित मोहन माथुर विभागाध्यक्ष अध्यक्ष इतिहास एवं राजनीति विज्ञान विभाग मेयो कॉलेज, प्रेम आनंदकर वरिष्ठ पत्रकार, प्रोफेसर विश्वामित्र वैष्णव आचार्य राजनीति विज्ञान एवं डॉ सुनीता सियाल विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग, सोफिया कॉलेज अजमेर रहे।अपने विचार व्यक्त करते हुए निर्णायक मंडल ने कहा की प्रतियोगिता से यह साबित हुआ है कि संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने विचार प्रवाह एवम भाषा प्रवाह के संतुलन, आत्मविश्वास से श्रोताओं को संबोधित करने, विषय वस्तु का ध्यान रखने का संदेश प्रतिभागियों को दिया। डा. उमेश दत्त ने सम्मानित अतिथियों एवं निर्णायकगणों का कार्यक्रम मे पधारने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में डॉ जितेंद्र मारोठिया, डॉ आस्था दुबे, डॉ सुरेंद्र यादव, डॉ नम्रता कलवानी, डॉ सरोज कुमार, सोहन लाल गोसाई इत्यादि उपस्थित रहे। साथ ही युवा कनेक्ट कार्यक्रम में यूथ आईकॉन पर्ल फुलवारी ने अपने राष्ट्रीय सेवा योजना के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ सरिता चांवरिया और डॉ अन्नपूर्णा सोनी ने किया।

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