स्वस्थ समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव : प्रो. सुरेश कमार अग्रवाल
एमडीएसयू का ग्राम घूघरा में स्वास्थ्य शिविर
सेवा, संवेदना और समर्पण की मिसाल
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ग्राम घूघरा में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया। विश्वविद्यालय के ‘धन्वंतरि आरोग्य केंद्र’ के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि “स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।” उन्होंने प्रेरणादायक पंक्तियों— “देश हमें देता है सबकुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें” - का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व विकसित करने का माध्यम भी है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के शिविर न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि युवाओं में सेवा, सहयोग और सामाजिक दायित्व की भावना को भी प्रबल बनाते हैं। ऐसे प्रयास भविष्य में एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
शिविर की प्रमुख उपलब्धियां
स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श :
शिविर में डॉ. नितिन शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा लगभग 140 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सामान्य बीमारियों के साथ-साथ जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी विशेषज्ञ परामर्श प्रदान किया गया।
निःशुल्क औषधीय सहायता :
मरीजों के बीपी, शुगर एवं हीमोग्लोबिन की जांच कर आवश्यकतानुसार दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली।
स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान :
ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व से अवगत कराते हुए सेनेटरी पैड्स, साबुन एवं ग्लूकोज किट वितरित किए गए। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई।
निरंतर सेवा का संकल्प :
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राजू शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रत्येक माह विभिन्न गांवों एवं कच्ची बस्तियों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करता रहेगा।
सामाजिक सरोकार की सशक्त पहल
यह स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सेवा प्रदान करने तक सीमित रहा, बल्कि समाज में जागरूकता, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम भी बना। विश्वविद्यालय का यह प्रयास उच्च शिक्षा संस्थानों की सामाजिक भूमिका को सुदृढ़ करने का प्रेरक उदाहरण है।
जब शिक्षा समाज से जुड़ती है, तभी वह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनती है।

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