नशा मुक्त ग्राम की ओर सशक्त पहल : एमडीएसयू ने नेडलिया एवं होकरा में जागरूकता का दिया प्रभावी संदेश
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर द्वारा अपने सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत गोदित ग्राम नेडलिया एवं होकरा में नशा मुक्ति विषयक जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के गोदित ग्रामों के नोडल अधिकारी एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुभाष चंद्र के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि पंकज यादव, विकास, धर्मेंद्र कुमार सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ संवादात्मक शैली में चर्चा करते हुए नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। अपने प्रेरक उद्बोधन में प्रो. सुभाष चंद्र ने कहा कि नशा व्यक्ति की कार्यक्षमता को क्षीण करता है तथा उसके व्यक्तित्व, परिवार और समाज—तीनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहेगा तो समाज स्वतः ही स्वस्थ और सशक्त बनेगा।
उन्होंने तंबाकू, शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से उत्पन्न होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे लिवर रोग, फेफड़ों की बीमारियाँ, मानसिक अवसाद एवं अन्य घातक समस्याओं के प्रति ग्रामीणों को सचेत किया। साथ ही नशा त्यागने के व्यावहारिक उपाय, परामर्श सेवाओं की उपलब्धता तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न नशा मुक्ति अभियानों की जानकारी भी विस्तारपूर्वक प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि नशे से दूर रहकर ही व्यक्ति अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकता है और समाज के विकास में सक्रिय योगदान दे सकता है। इस अवसर पर उपस्थित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भी जागरूकता प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी एवं उत्साहपूर्ण सहयोग ने इस आयोजन को अत्यंत सफल एवं सार्थक बना दिया।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

0 टिप्पणियाँ