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आंवला के पौधों को मिली बग कीट से बचाने के लिए करें उपाय

आंवला के पौधों को मिली बग कीट से बचाने के लिए करें उपाय

आंवला के पौधों को मिली बग कीट से बचाने के लिए करें उपाय

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिले की प्रमुख बागवानी फसल आंवले को मिली बग कीट से बचाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उपाय करने चाहिए।

ग्राहृय परीक्षण केन्द्र तबीजी फार्म के सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कीट) डॉ. सुरेश चौधरी ने बताया कि छाल भक्षक एवं मिली बग आंवला के प्रमुख कीट हैं। इनके कारण पौधों को काफी हानि होती हैं। वर्तमान में आंवला के पौधोेंं पर मिली बग कीट का प्रकोप नई पत्तियों एवं बढ़ावर पर हो रहा है। मिली बग एक छोटा, मुलायम शरीर वाला कीट होता है, जो सफेद मोमी परत से ढ़का रहता हैं। यह मुख्य रूप से नई कोपलों, पत्तियों एवं फलों पर आक्रमण करता है और रस चूसकर हानि पहुंचाता है। इसके प्रकोप से पत्तियां मुड़ जाती हैं, पौधों की वृद्धि रुक जाती हैं। यह कीट शहद जैसा चिपचिपा पदार्थ स्रावित करता हैं, जिस पर काले रंग की फफूंदी विकसित हो जाती है जिससे प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता हैं।

उन्होंने बताया कि सूखा एवं गर्म मौसम मिली बग के तेजी से फैलाव के लिए अनुकूल होता है। इस कीट से बचाव के लिए बगीचे से नियमित रुप से खरपतवार हटाएं एवं कीट ग्रस्त टहनियों एवं भागों को काटकर नष्ट करें। साथ ही आवश्यकतानुसार 2 मिली लीटर प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी. अथवा 0.6 मिली लीटर इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एस. एल. कीटनाशक का प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर 15 दिन के अंतराल पर दो छिड़काव करेें एवं छिड़काव करते समय पूरे कपड़े, चश्मा, मास्क व दस्तानोें का उपयोग अवश्य करें।

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