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छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं, हर समस्या का समयबद्ध समाधान होगा : कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं : हर समस्या का समयबद्ध समाधान होगा : कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं, हर समस्या का समयबद्ध समाधान होगा : कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल


अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में छात्रावास व्यवस्थाओं को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और छात्र-हितैषी बनाने के उद्देश्य से कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने छात्राओं, वार्डन एवं संबंधित शिक्षकों एवं  अधिकारियों के साथ एक विस्तृत एवं संवादात्मक बैठक की। यह बैठक केवल समस्याओं के संज्ञान तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाधान-केन्द्रित दृष्टिकोण के साथ सम्पन्न हुई । इस अवसर पर कुलगुरु प्रो अग्रवाल  ने अत्यंत आत्मीय वातावरण में छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित किया, उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और यह स्पष्ट संदेश दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी सुरक्षा, सुविधा और समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक पहचान उसकी छात्र-हितैषी व्यवस्थाओं से होती है और विश्वविद्यालय इस दिशा में निरंतर सुधार के लिए संकल्पित है।

बैठक के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। छात्रावास परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गार्ड्स की तैनाती एवं उनके कार्यक्षेत्र का पुनर्गठन सुनिश्चित किया गया। साथ ही, महिला सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता पर भी विचार किया गया, जिससे छात्राओं को अधिक सुरक्षित वातावरण मिल सके। छात्राओं को आत्म-सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। स्वच्छता और स्वास्थ्य के संदर्भ में भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए । छात्रावास परिसर, जल कूलर, पानी की टंकियों, छतों तथा नालियों की नियमित सफाई और रख-रखाव के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। सीवरेज एवं जल निकासी से संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद वातावरण सुनिश्चित हो सके। प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए परिसर में बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी। पेड़ों की वैज्ञानिक कटाई-छंटाई (प्रूनिंग) के माध्यम से उनके ठहराव को कम करने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया। इस विषय में छात्राओं को भी सतर्क रहने और सहयोग करने की प्रेरणा दी गई।

छात्रावास की मेस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। “मेस मॉनिटर” प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से छात्राएं स्वयं भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और मेन्यू पर निगरानी रखेंगी। इससे न केवल गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि छात्राओं में जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना भी विकसित होगी।

डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। छात्रावास में बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक फाइबर कनेक्टिविटी पर कार्य करने का सुझाव दिया गया। साथ ही, CCTV निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने और भवनों की आवश्यक मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इस संवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू छात्राओं के समग्र विकास से भी जुड़ा रहा। छात्रावास में “हाउस सिस्टम” लागू कर सांस्कृतिक, खेल एवं बौद्धिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई गई, जिससे छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षकों एवं विभागों की सहभागिता से इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि “विश्वविद्यालय का दायित्व केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि एक ऐसा वातावरण निर्मित करना भी है, जहां छात्राएं सुरक्षित, स्वस्थ और आत्मविश्वास से पूर्ण होकर आगे बढ़ सकें। प्रशासन और छात्राओं के बीच संवाद ही किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है।” उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और उनकी निरंतर समीक्षा भी की जाएगी, ताकि व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार सुनिश्चित हो सके। बैठक मे कुलसचिव कैलाश चन्द्र शर्मा, वित्त नियंत्रक नेहा शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो सुभाष चन्द्र, मुख्य कुलानुशासक प्रो अरविंद पारीक, प्रो मोनिका भटनागर, वार्डन प्रो ऋतु माथुर, सहायक अभियंता प्रदीप प्रजापति, सहायक कुलसचिव डॉ सूरज मल राव सहित उद्यानिकी एवं स्वच्छता के अधिकारी उपस्थित रहे।

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