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अनुशासन, समावेशिता और राष्ट्रसेवा ही युवा शक्ति की असली पहचान : प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

अनुशासन, समावेशिता और राष्ट्रसेवा ही युवा शक्ति की असली पहचान : प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

अनुशासन, समावेशिता और राष्ट्रसेवा ही युवा शक्ति की असली पहचान : प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने NCC कैडेट्स को बताया विकसित भारत का आधार

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में आयोजित NCC कैम्प के समापन समारोह में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के कुलगुरु प्रो सुरेश कुमार अग्रवाल ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए अनुशासन, समर्पण और समावेशिता को जीवन की सफलता का मूल मंत्र बताया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि NCC केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व विकास और राष्ट्रीय एकता की सशक्त प्रयोगशाला है।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. अग्रवाल ने भारतीय शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में “वाचिक शुद्धता, कार्मिक शुद्धता, मानसिक शुद्धता और कालानुशासन” व्यक्ति को श्रेष्ठ नागरिक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि NCC प्रशिक्षण इन सभी मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अद्भुत माध्यम है। उन्होंने कहा, “जब हम वाचिक अनुशासन की बात करते हैं, तब हम अपने शब्दों की मर्यादा और संवाद की शालीनता की बात करते हैं। परिस्थितियाँ कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, व्यक्ति की वाणी ऐसी होनी चाहिए जो समाज में सकारात्मकता और सौहार्द का संदेश दे।” कुलगुरु ने कैडेट्स को संदेश देते हुए कहा कि वे शिविर से प्राप्त अनुशासन और जीवन मूल्यों को अपने घर, समाज और भविष्य के कार्यक्षेत्र तक लेकर जाएँ। उन्होंने कहा कि समय का सम्मान और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना ही वास्तविक कार्मिक अनुशासन है। “जो कार्य आपको सौंपा गया है, उसे समय पर, पूर्ण जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पूरा करना ही सच्चा अनुशासन है,” उन्होंने कहा।


मानसिक अनुशासन पर प्रकाश डालते हुए प्रो. अग्रवाल ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना ही वास्तविक मानसिक शक्ति है। उन्होंने कहा कि NCC प्रशिक्षण युवाओं को केवल शारीरिक रूप से सक्षम नहीं बनाता, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत और आत्मविश्वासी बनाता है। उन्होंने कहा कि यदि वाचिक अनुशासन, कार्मिक अनुशासन, मानसिक अनुशासन और समय अनुशासन — इन चारों को जीवन में आत्मसात कर लिया जाए तो व्यक्ति लगभग पूर्णता के निकट पहुँच सकता है। हालांकि पूर्णता अंतिम लक्ष्य नहीं बल्कि निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की प्रक्रिया है।


अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का उल्लेख करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति समग्र शिक्षा (Holistic Education) की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें मन, शरीर और आत्मा — तीनों का संतुलित विकास आवश्यक माना गया है। उन्होंने कहा कि NCC जैसे शिविर इस दर्शन को व्यवहारिक रूप प्रदान करते हैं।


उन्होंने कहा “यहाँ कैडेट्स केवल प्रशिक्षण नहीं लेते, बल्कि संवाद कौशल, रणनीतिक सोच, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक सहनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों को व्यवहार में सीखते हैं,”| समारोह के दौरान प्रो. अग्रवाल ने NCC शिविर की समावेशी भावना की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थी और शहरी पृष्ठभूमि के युवा जब एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं, विचार साझा करते हैं और टीम भावना के साथ कार्य करते हैं, तब वास्तविक राष्ट्रीय एकता का निर्माण होता है। उन्होंने कहा, “समावेशिता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। NCC और खेल गतिविधियाँ युवाओं में समानता, सहभागिता और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करती हैं। यही वह भावना है जिसकी आज देश को सबसे अधिक आवश्यकता है।” कुलगुरु ने कहा कि शिविर में आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियाँ, खेल प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम युवाओं के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन, ऊर्जा और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह शिविर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव सिद्ध होगा। उन्होंने कैडेट्स से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित, सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएँ तथा स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।


अपने उद्बोधन के अंत में प्रो. अग्रवाल ने NCC अधिकारियों कर्नल अजय दाधीच, कप्तान संत कुमार, मृगंका उपाध्याय, प्रशिक्षण दल, आयोजन समिति एवं सभी प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से कर्नल एवं NCC फ्रेटरनिटी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस गरिमामयी आयोजन में उपस्थित होना उनके लिए प्रेरणादायी अनुभव रहा।

समापन समारोह में विश्वविद्यालय प्रशासन, NCC अधिकारीगण, प्रशिक्षक, विभिन्न महाविद्यालयों से आए कैडेट्स तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और उत्साह से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

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