जिला कलक्टर लोकबंधु ने पेंशन व सामाजिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
यूडीआईडी कार्ड लंबित प्रकरणों के निस्तारण हेतु 31 जनवरी तक कैम्प मोड में कार्य करने के दिए निर्देश
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिला कलक्टर लोकबंधु ने कहा कि जिले में यूनिक डिसेबिलिटी आईडी यूडीआईडी कार्ड से जुड़े चिकित्सीय बोर्ड, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर लंबित सभी आवेदनों का 31 जनवरी तक कैम्प मोड में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इससे दिव्यांगजनों को समय पर राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं यात्रा संबंधी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
जिला कलक्टर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पेंशन एवं पालनहार योजना के सत्यापन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूडीआईडी कार्ड भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए जारी किया जाने वाला एकल पहचान पत्र है । इसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त होता है। इसके लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा चिकित्सालय अधीक्षक अपने स्तर पर पोर्टल पर लंबित सभी प्रकरणों को चिन्हित कर आवेदकों को सूचित करें, आवश्यक दस्तावेज पूर्ण करवाएं, पात्र प्रकरणों में कार्ड जारी करें तथा अपात्र आवेदनों को नियमानुसार निरस्त करें।
राज उन्नति बैठकों में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लेख करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में सभी पेंशनधारकों का सत्यापन शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करे। उन्होंने दिव्यांग पेंशन से जुड़े ऐसे प्रकरण जिनमें यूडीआईडी कार्ड लंबित है, उनके लिए अतिरिक्त प्रयास करते हुए शीघ्र निस्तारण कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ब्लॉकवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर निकटवर्ती बड़े चिकित्सालयों से सत्यापन सुनिश्चित करने तथा आशा सहयोगिनी व अन्य माध्यमों से लाभार्थियों को सूचित करने के निर्देश दिए। असमर्थ व्यक्तियों के घर जाकर सत्यापन कर कार्ड बनाए जाने को भी निर्देशित किया।
जिला कलक्टर ने जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर, सैटेलाइट चिकित्सालय, यज्ञनारायण चिकित्सालय किशनगढ़, केकड़ी एवं नसीराबाद चिकित्सालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु कार्य योजना बनाकर निस्तारण करने को कहा ।साथ ही विशेष शिविर आयोजित कर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने कहा कि दिव्यांगजनों की सहायता के लिए ई-मित्र संचालकों को भी इस कार्य में सहयोग देने के लिए निर्देशित किया जाए। तकनीकी एवं प्रक्रिया संबंधी बाधाओं के कारण कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहे।
इसके साथ ही उन्होंने घुमंतू एवं अर्धघुमंतू समुदायों के लिए आयोजित सहायता शिविरों, सामाजिक पेंशन योजना तथा पालनहार योजना की प्रगति एवं वार्षिक सत्यापन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का सत्यापन समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्सना रंगा ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड एक एकल पहचान पत्र के रूप में कार्य करता है, जिससे दिव्यांगजनों को अलग-अलग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं रहती और वे इसके माध्यम से पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा एवं यात्रा में विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर वंदना खोरवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ज्योत्सना रंगा, जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक जय प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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