Ticker

6/recent/ticker-posts

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : विधानसभा अध्यक्ष ने दुपहिया वाहन हेलमेट रैली को दिखाई हरी झंडी

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : विधानसभा अध्यक्ष ने दुपहिया वाहन हेलमेट रैली को दिखाई हरी झंडी

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह : विधानसभा अध्यक्ष ने दुपहिया वाहन हेलमेट रैली को दिखाई हरी झंडी

बीएलएस प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ

नियमों की जानकारी के साथ उनका पालन जरूरी : देवनानी

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिले में 31 जनवरी तक विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सूचना केंद्र अजमेर से विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दुपहिया वाहन चालकों की हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में यातायात पुलिस, परिवहन विभाग के कार्मिकों सहित 100 से अधिक दुपहिया वाहन चालकों ने सहभागिता की।

यह हेलमेट रैली सूचना केंद्र से प्रारंभ होकर बजरंगगढ़ चौराहा, सावित्राी चौराहा, कलेक्ट्रेट सर्किल, रोडवेज बस स्टैंड, जयपुर रोड होते हुए प्रादेशिक परिवहन कार्यालय अजमेर पहुंचकर संपन्न हुई। रैली का उद्देश्य आमजन को हेलमेट उपयोग, सुरक्षित वाहन संचालन तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना रहा।

इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष देवनानी द्वारा सूचना केंद्र परिसर में वाहन चालकों एवं छात्र-छात्राओं के लिए बीएलएस बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा शपथ भी दिलाई गई। मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम ने डॉ. पूजा माथुर के नेतृत्व में डेमो के माध्यम से बेसिक लाइफ सेविंग तकनीकों की जानकारी दी, जिससे 100 से अधिक छात्र, वाहन चालक एवं आमजन लाभान्वित हुए।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तुरंत सहायता देकर अस्पताल पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जीवन अमूल्य है और थोड़ी सी लापरवाही किसी परिवार के सुखद भविष्य को उजाड़ सकती है, विशेषकर तब जब परिवार का कमाने वाला सदस्य दुर्घटना का शिकार हो जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मासिक सड़क सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनकी सार्थकता तभी है जब आमजन इन्हें अपने व्यवहार में अपनाएं। स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना आवश्यक है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगीऔर जीरो फेटेलिटी थ्रू रोड एक्सीडेंट के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।

देवनानी ने कहा कि नियमों की जानकारी के साथ उनका पालन करने की आदत विकसित करना जरूरी है। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग, नशे में वाहन चलाना एवं रेड लाइट जंप जैसी प्रवृत्तियां जानलेवा साबित हो सकती हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के समन्वय से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने आमजन से कहा की कि यदि किसी के सामने सड़क दुर्घटना में कोई घायल हो तो सहायता के लिए तत्पर रहें। कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सीपीआर व बीएलएस प्रशिक्षण से अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। सड़क सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं बनकर व्यवहार का हिस्सा बने। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को शपथ के अनुरूप आचरण करना होगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर नरेन्द्र मीणा, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी शल सुमन भाटी, अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रकाश टहलयानी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक तंवर, जिला परिवहन अधिकारी मुकुल वर्मा एवं राजीव शर्मा, यातायात पुलिस निरीक्षक नीतू राठौड़ सहित परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ