मिलना-जुलना हंसना-गाना कितना अच्छा लगता है
अजयमेरु प्रेस क्लब में वर्ष 2026 की प्रथम साहित्यधारा गोष्ठी सम्पन्न
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। "मिलना-जुलना हंसना-गाना कितना अच्छा लगता है।" डॉ बृजेश माथुर के इस मतले से शुरू हुई ग़ज़ल के आखिरी शेर तक दाद और वाहवाही गूंजती रही। अजयमेरु प्रेस क्लब की वर्ष 2026 की पहली मासिक संगोष्ठी "साहित्यधारा" की अध्यक्षता करते हुए जब डॉ माथुर ने किताबों की आवश्यकता व सार्थकता पर अपनी ग़ज़ल पेश कर ख्वाहिश जताई कि किताबों से रिश्ता कभी न टूटे और पढ़ने की प्रवृत्ति सदा बनी रहे तो यकीनन सब सोचने को मजबूर हुए कि मोबाइल फोन के इस दौर में ज्ञान प्राप्ति का सशक्त माध्यम किताबें आज बिसरा दी गईं।
अजयमेरु प्रेस क्लब के सभागार में हुई साहित्यधारा में प्रेस क्लब अध्यक्ष डॉ रमेश अग्रवाल, पुष्पा क्षेत्रपाल, विजयकुमार शर्मा, विपिन शर्मा, रजनीश मसीह, डॉ पूनम पांडे, संदीप पांडे, दीपशिक्षा क्षेत्रपाल, रमेशचंद भाट, मोहनी देवी भाट, डॉ सुधा मिश्रा, रामवतार यादव "सेहर नसीराबादी" प्रेस क्लब उपाध्यक्ष राजकुमार पारीक व उनकी पुत्री आरजे अंजनी, डॉ केके शर्मा, गीतकार गौरव दुबे तथा अमित टण्डन ने जहां एक से बढ़ कर एक कवीताएं, गीत-ग़ज़ल सुनाकर समा बांधा, वहीं व्यंग्यकार एवं "साहित्यधारा समिति" के सहसंयोजक प्रदीप गुप्ता की हास्य-व्यंग्य से भरी रचना ने सभी को गुदगुदाया। इस मौके पर हास्य कवि रासबिहारी गौड़ का उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में विशेष अभिनंदन किया गया। डॉ बृजेश माथुर ने उन्हें माला पहनाई। गौड़ ने केक काटा। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस साहित्यधारा को आगे बढ़ाने और इसका स्तर और भी ऊंचा बढ़ाने के लिए कुछ नए प्रयोग भी अब करने होंगे। शहर में प्रेस क्लब की यह साहित्यिक गोष्ठी चर्चाओं में है और लोग इससे जुड़ना चाहते हैं। हमें नए रचनाकारों को भी इससे जोड़ना चाहिए। मगर स्तर सुधारने के लिए सभी को यह प्रण लेना चाहिए कि यदि वे अपनी एक रचना सुनाते हैं तो दूसरे दस लोगों को सुनने की आदत डालेंगे। आज की पीढ़ी इतिहास के बड़े राष्ट्रीय साहित्यकारों को पढ़ेगी तो ही सीख सकेगी। धन्यवाद ज्ञापन में क्लब उपाध्यक्ष प्रताप सनकत ने कहा कि यह मंच प्रेस क्लब का नहीं है बल्कि शहर का है। शहर के साहित्यकार इस मंच से जुड़े हैं वे निरंतर इस कार्यक्रम में आएं और इसे संभालें। न केवल संभालें अपितु और भी नए नए रचनाकारों को इससे जोड़ कर इस बगिया को पल्लवित पोषित करें।
कार्यक्रम का संचालन अमित टण्डन व प्रदीप गुप्ता ने किया।
इस मौके पर सुनीता जैन 'रूपम, प्रेस क्लब महासचिव सीपी कटारिया, सचिव अब्दुल सलाम कुरेशी, कोषाध्यक्ष सत्यनारायण जाला, डॉ अशोक मित्तल आदि मौजूद थे।



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