श्रेयस विषय के साथ एनएसएस विशेष शिविर का शुभारंभ, कुलगुरु ने सेवा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ श्रेयस : सामुदायिक प्रगति एवं सशक्त राष्ट्र का आधार युवा थीम के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए एन एस एस संयोजिका प्रो मोनिका भटनागर ने बताया कि “श्रेयस” श्रेष्ठ मार्ग का प्रतीक है, जो व्यक्ति को आत्मिक उन्नति, सेवा और समाजहित की दिशा में अग्रसर करता है। एनएसएस का मूल मंत्र “Not Me But You” इसी भावना को साकार करता है और युवाओं को निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अनुशासन, राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और समावेशिता का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद छात्रों को समाज से जोड़ने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कोठारी आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1969 में एनएसएस की स्थापना की गई, जो आज देश के शिक्षण संस्थानों में युवाओं को सामुदायिक सेवा से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन चुकी है।
कुलगुरु प्रो अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा के तीन प्रमुख स्तंभ—शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार (Extension)—में एनएसएस की गतिविधियाँ विस्तार कार्य का महत्वपूर्ण आधार हैं, जो शिक्षण संस्थानों को समाज के साथ जोड़ती हैं और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने की भावना से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति योगदान की भावना से कार्य करें। कुलगुरु ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का प्रभावी डॉक्यूमेंटेशन और प्रोजेक्शन आवश्यक है, ताकि समाज इन गतिविधियों से परिचित हो सके और अन्य संस्थान भी प्रेरणा प्राप्त करें। उन्होंने शिविर के माध्यम से इस दिशा में आरंभ की गई पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास विश्वविद्यालय और समाज के बीच संवाद को और मजबूत करेंगे।
आभार ज्ञापन करते हुए एन एस एस अधिकारी डॉ आशीष पारीक ने बताया कि शिविर के दौरान ग्राम संवाद, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान, नशा मुक्ति तथा सामाजिक समरसता से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो सुब्रतो दत्ता, प्रो ऋतु माथुर, प्रो अरविन्द पारीक , प्रो सुभाष चन्द्र, डॉ. राजू लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे |
कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ. लारा शर्मा ने किया।


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