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कॉमन कॉज सोसाइटी ने नियम विरुद्ध बने समारोह स्थलों पर कार्रवाई की सराहना की

कॉमन कॉज सोसाइटी ने नियम विरुद्ध बने समारोह स्थलों पर कार्रवाई की सराहना की

कॉमन कॉज सोसाइटी ने नियम विरुद्ध बने समारोह स्थलों पर कार्रवाई की सराहना की

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। कॉमन कॉज सोसाइटी अजमेर  ने शहर के विकास एवं नियम विरुद्ध समारोह स्थलों पर शासन एवं प्रशासन के अथक प्रयासों की सराहन एवं सुझाव देने की दिशा में आयुक्त अजमेर विकास प्राधिकरण एवं आयुक्त नगर निगम अजमेर को पत्र लिखे हैं।

संस्था के महासचिव विनीत लोहिया के अनुसार आयुक्त नगर निगम अजमेर को लिखे गए पत्र में शहर के 55 समारोह स्थल निर्माण अनुसार 60 फीट की कम चौड़ाई की सड़कों पर संचालित हो रहे हैं जिसके लिए शहर के विभिन्न समाचार पत्रों ने प्रमुखता के साथ इस विषय को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। इन समारोह स्थल के अतिक्रमण अथवा यातायात में बाधा उत्पन्न करने से आम जनता को भारी सुविधाओं का सामना करना पड़ता है। संस्था ने  नगर निगम की प्रस्तावित करवाई की सराहना करते हुए, इस संबंध में और अधिक न्याय संगत बनाने और नियमों के प्रति ध्यान आकर्षित किया है।

कॉमन कॉज सोसाइटी ने नियम विरुद्ध बने समारोह स्थलों पर कार्रवाई की सराहना की

सोसाइटी ने आयुक्त अजमेर विकास प्राधिकरण को भी पत्र लिखा है। जिसके अंतर्गत अजमेर शहर में 34 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाने वाले कन्वेंशन केंद्र के प्रति अपनी चिंता एवं नियमानुसार निर्माण हेतु सुझाव भेजे हैं। 

संस्था ने इस तरह के केंद्र में हुए निर्माण की कमियों को उजागर करते हुए सुझाव दिए हैं की इतनी बड़ी धनराशि से बनने वाले केंद्र में कहीं कोई कमी ना रह जाए इस हेतु शहर एवं राज्य के प्रमुख आर्किटेक्ट एवं अन्य अनुभवी संस्थाओं और व्यक्तियों से सुझाव मांग कर निर्माण की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाए। पूर्व में भी आनासागर के एक छोर पर बनाए गए सेवन वंडर्स पर करोड़ों रुपए की लागत नियम विरुद्ध होने से बर्बादी का मंजर देख चुकी है। 

लोहिया ने बताया कि कॉमन कॉज सोसाइटी अजमेर एक ऐसी संस्था है जो गैर राजनीतिक सिद्धांतों के अनुरूप शहर के विकास के लिए समर्पित है पूर्व में भी संस्था द्वारा समय-समय पर शासन प्रशासन का ध्यान शेर की विकास की प्रति आकर्षित करते हुए गतिविधियों को अंजाम दिया था संस्था के माध्यम से प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने और उच्च न्यायालय के माध्यम से आदेश प्रदान करवाने हेतु वाद दायर किया था। जिस पर न्यायालय ने सहमति प्रदान कर आदेश प्रकाशित किए थे। इसके अतिरिक्त आनासागर में प्रतिवर्ष वर्षा कालीन सत्र में भारी मात्रा में पानी एकत्र होने से पूरे शहर की गतिविधियों को प्रभावित होने की दिशा में भी शासन प्रशासन का समय-समय पर पत्रों के एवं अन्य माध्यम से ध्यान आकर्षित किया है। एक और विषय संस्था ने प्रमुख रूप से उजागर करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया है की आनासागर झील में गिरने वाले शहर के 11 नालों का पानी रोकने हेतु कार्रवाई की मांग की है जिस पर निगम एवं अन्य संबंधित संस्थाओं ने समय-समय पर कार्यवाही की है लेकिन पूर्ण रूप से इस समस्या का हल नहीं होने से संस्था ने पुनः ध्यान आकर्षित किया है।


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