राजस्थान सरकार प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के प्रति संवेदनशील : वासुदेव देवनानी
निजी अस्पतालों का प्रतिनिधिमंडल डॉ सोनदेव बंसल की रिहाई और आरजीएचएस मुद्दों पर विधानसभा अध्यक्ष से मिला
अजमेर (अजमेर मुस्कान) । राजस्थान विधान सभा के अध्यक्ष एवं अजमेर उत्तर के विधायक वासुदेव देवनानी ने प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं नर्सिंग होम्स सोसायटी, अजमेर के प्रतिनिधिमंडल को डॉ सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी मामले और आरजीएचएस सेवाओं के लंबित भुगतान के विषय पर सक्षम स्तर पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के प्रति संवेदनशील है। सरकार की नीति और नीयत साफ है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम का लाभ निजी अस्पतालों के माध्यम से लाभार्थियों को अनवरत मिलता रहे इसके लिए लंबित भुगतान को लेकर बने गतिरोध को शीघ्र ही दूर करने के यथोचित प्रयास करेंगे।
प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं नर्सिंग होम्स सोसायटी, अजमेर के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से अजमेर में उनके निवास पर मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल में अजमेर के सभी प्रमुख निजी चिकित्सालयों के निदेशक एवं प्रबंध मंडल के सदस्य शामिल थे जिनमें प्रमुख रूप से सोसायटी के महासचिव एवं मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉ दिलीप मित्तल, क्षेत्रपाल हॉस्पिटल के डॉ अरुण क्षेत्रपाल, डॉ आदित्य क्षेत्रपाल, पुराने मित्तल हॉस्पिटल के डॉ अशोक मित्तल, आर्य हॉस्पिटल के डॉ सूर्य प्रकाश चौधरी, पारस हॉस्पिटल के डॉ राजकुमार खासगीवाला, मार्बल सिटी हॉस्पिटल किशनगढ़ के डॉ संजय कुमार सिन्हा, डॉ भूपेन्द्र सिंह, सेंट फ्रांसिस हॉस्पिटल अजमेर की लिजी इब्राहिम उपस्थित थे।
सोसायटी ने डॉ सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी पर खेद दर्शाते हुए कहा कि एक चिकित्सक की प्रक्रियात्मक त्रुटियों के आधार पर की गई गिरफ्तारी से चिकित्सा समुदाय में भय का माहौल है। उन्होंने ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने और प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को आरजीएचएस सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराते हुए उन्हें समाधान के लिए विभिन्न सात बिंदुओं पर आधारित एक मांग पत्र भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरजीएचएस के तहत अस्पतालों व फार्मेसी के लंबित भुगतानों का मुद्दा उठाते हुए बताया कि भर्ती रोगियों, बाहृय रोगियों व फार्मेसी के बिल सितंबर 2025 से लंबित हैं, जिससे अस्पतालों के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नियमानुसार 20 दिन में भुगतान होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से देरी जारी है। आरजीएचएस रोगियों के बिल क्लेम में बिना कारण कटौती, बिलों का अस्वीकृत किया जाना और अपील मामलों का कई दिनों तक लंबित रहना निजी चिकित्सालयों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ऐसे में आरजीएचएस सेवाओं का निर्विघ्न सुचारू बनाए रखना मुश्किल हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छोटी छोटी प्रक्रियात्मक त्रुटियों पर कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने की महत्ती जरूरत है। सोसायटी ने सीजीएचएस के अनुरूप आरजीएचएस दरों को लागू करने की भी मांग भी रखी। इस दौरान सोसायटी ने लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण,अनुचित कटौतियों पर रोक और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की अपेक्षा की।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही उचित स्तर पर कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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