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थैलेसीमिया जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

थैलेसीमिया जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

थैलेसीमिया जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

जागरूकता ही थैलेसीमिया रोकथाम का सबसे बड़ा उपाय” : कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

भारत विकास परिषद एवं एमडीएस विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों को दी गई आनुवांशिक रोगों की महत्वपूर्ण जानकारी

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में फार्मेसी विभाग द्वारा “थैलेसीमिया जागरूकता संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में थैलेसीमिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया जैसी आनुवांशिक बीमारियों के प्रति समाज में पर्याप्त जागरूकता का अभाव है, जबकि यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर, मानसिकता और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे “लर्निंग, री-लर्निंग और अनलर्निंग” की प्रक्रिया को अपनाते हुए नई जानकारियों को खुले मन से ग्रहण करें।

मुख्य वक्ता अशोक गोयल ने थैलेसीमिया के कारण, लक्षण, रोकथाम एवं जागरूकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच तथा रक्तदान के माध्यम से हजारों बच्चों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में फार्मेसी विभागाध्यक्ष ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि थैलेसीमिया एक ऐसी आनुवांशिक बीमारी है, जिसे प्रारंभिक अवस्था में सामान्य कमजोरी या पोषण की कमी समझकर अनदेखा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विवाह पूर्व स्क्रीनिंग एवं समय पर जांच के माध्यम से इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज और चिकित्सा जगत के बीच जागरूकता की महत्वपूर्ण कड़ी बनें।

की। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद से दिलीप पारिक, सुरेश चंद्र गोयल, रमेश चंद्र जाजू, लक्ष्मी नारायण, अशोक गोयल, राजेंद्र मित्तल, हितेश मंगरोला तथा कृष्ण गोपाल गोयल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

भारत विकास परिषद के रीजनल सचिव पर्यावरण दिलीप पारिक ने परिषद की गतिविधियों एवं समाज सेवा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिषद राष्ट्र निर्माण एवं जनजागरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में फार्मेसी विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने हेतु ऐसे कार्यक्रमों की निरंतर आवश्यकता पर बल दिया गया।

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