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मोरिंगा सुपर फ़ूड एवं औषधियों का भंडार - डॉ हर्ष

मोरिंगा सुपर फ़ूड एवं औषधियों का भंडार - डॉ हर्ष

मोरिंगा सुपर फ़ूड एवं औषधियों का भंडार - डॉ हर्ष

एफ डी डी आई ,जोधपुर मे संवाद सत्र

जोधपुर (अजमेर मुस्कान) । फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफ डी डी आईं )के द्वारा सभागार मे आयोजित भारतीय सेना के जवानों एवं जूनियर कमांडिंग ऑफिसर के लिए फुट वियर मेन्युफेक्चरिंग एवं रिटेलिंग पर सवांद सत्र रखा जिसमे मुख्यवक्ता मोरिंगा मैन डॉ एस एल हर्ष ने कहा कि मोरिंगा सुपर फ़ूड एवं औषधियों का भंडार है क्योंकि इससे 300 से अधिक बीमारियों के रोकधाम की औषधि पाई जाती हैं।पौधे का हर एक भाग महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें 90 तरह के मल्टीपल विटामिन,45 तरह के एंटीऑक्सीडेंट,17 तरह के एमिनो ऐसिड्स पाये जाते है जिसमे आयरन पालक से 25 गुणा अधिक, पोटेशियम केले से 7 गुणा अधिक, एवं केल्सियम दूध से 17 गुणा अधिक,विटामिन सी संतरे से 8 गुणा अधिक,गाजर के विटामिन ए होता है उससे 10 गुणा अधिक, मोरिंगा में विटामिन ए,सी,ई,और बी कॉम्प्लेक्स यानि बी2,बी1,बी3,और बी6 प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं । यदि इसके दो बीज रात के सोते समय चबा कर लेते है दांत की बीमारी नही होती साथ ही पेट मे विषैले प्रदार्थ को बाहर निकालते है । हानिकारक जीवाणुओं को मारता हैं।

एफ डी डी आई के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि इस संवादत्मक कार्यक्रम मे युवाओं को नई सोच सकरात्मक दृष्टिकोण और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

इस कार्यक्रम मे मुख्यातिथि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के पूर्व निदेशक डॉ राम गोपाल ने कहा कि जीवन को दृढ़, इच्छा शक्ति, अनुशासन और आत्मा विश्वास होना साथ ही व्यक्ति को मूल्यों और लक्ष्य से आगे बढ़ना चाहिए।इस कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रबंधक डेयरी के डॉ विक्रम व्यास ने जवानों को पशुपालन एवं डेयरी का अपने गांव में कर अच्छा रोजगार विकसित हो सकता इसके लिये अच्छा पशुहार, अच्छी देशी नशल,उनका अच्छा आवास एवं प्रबंधन जरूरी हैं आप जवान आराम से कर सकते हैं।पशुओं से  दूध के विभिन्न उत्पाद, मूत्र का उपयोग, गोबर के विभिन्न उपयोग की जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन मोहित माथुर ने किया तथा हितेश सुथार ने धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में निदेशक ने सम्मान हेतु जेड का पौधा, एफ डी डी आई कि पुस्तक, पुष्प गुच्छ एवं बहुत ही सुंदर स्मृति चिन्ह भेंट किया।साथ ही संस्थान की विजिट सभी को कराई।इसमे संस्थान का करण सिंह का भी विशेष योगदान।डॉ हर्ष ने मोरिंगा का पौधा,एवं प्रतिभागियों को अजोला दिया एवं डॉ हर्ष  एवं डॉ विक्रम द्वारा लिखी विभिन्न पुस्तके संस्थान के लाइब्रेरी हेतु प्रदान की।

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