महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में 80वां स्वाधीनता दिवस समारोह उत्साह एवं गरिमा के साथ सम्पन्न
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में देश का 80वां स्वाधीनता दिवस राष्ट्रभक्ति, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ समूचा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, कृतज्ञता और भविष्य के प्रति संकल्प का महापर्व है। स्वतंत्रता असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, साहस और बलिदान से अर्जित हुई है, इसलिए इसकी गरिमा और मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता तभी सार्थक है, जब हमारा मन भय से, बुद्धि पूर्वाग्रहों से और समाज विभाजन से मुक्त हो।
कुलगुरु ने विश्वविद्यालयों को राष्ट्र की बौद्धिक एवं नैतिक चेतना के निर्माण का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि “प्रत्येक कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और शोध परियोजना राष्ट्र निर्माण का अभियान है।” विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, कौशल, चरित्र और राष्ट्रसेवा को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने पर उन्होंने बल दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक उत्कृष्टता के समन्वय की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक मानवता का विकल्प नहीं, बल्कि उसका सहयोगी है; इसलिए वैज्ञानिक प्रगति के साथ नैतिकता, संवेदनशीलता और पर्यावरणीय संतुलन भी आवश्यक है।
कुलगुरु ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल सफल होने का लक्ष्य न रखें, बल्कि सार्थक जीवन और राष्ट्र सेवा को अपना उद्देश्य बनाएं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से आह्वान किया कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, उच्च गुणवत्ता वाले शोध, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण का प्रेरक केंद्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करें।
उन्होंने विश्वविद्यालय की आगामी प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए NAAC मूल्यांकन, शोध की गुणवत्ता में सुधार, वैश्विक रैंकिंग में बेहतर स्थान प्राप्त करने तथा लंबित शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक नियुक्तियों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया और विश्वविद्यालय परिवार से पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, शोधार्थी, अतिथि संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्वाधीनता दिवस समारोह के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक विभागों द्वारा देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनसे समारोह का वातावरण उत्साह, उमंग और राष्ट्रभक्ति से भर उठा।
समापन पर कुलगुरु ने विश्वविद्यालय परिवार से “ज्ञान को शक्ति, चरित्र को पहचान, सेवा को संस्कार और नवाचार को कार्यशैली” बनाते हुए विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आह्वान किया। समारोह का समापन “जय हिंद, जय हिंद” के उद्घोष के साथ हुआ।

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