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बिना पासपोर्ट-वीजा के हिंगलाज माता दर्शन, दाहरसेन को होगी सच्ची श्रद्धांजली : सांखला

1357वीं जंयती समारोह का स्मारक पर भव्य समापन

बिना पासपोर्ट-वीजा के हिंगलाज माता दर्शन, दाहरसेन को होगी सच्ची श्रद्धांजली : सांखला

1357वीं जंयती समारोह का स्मारक पर भव्य समापन

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। सिंधुपति महाराजा दाहरसेन की 1357वीं जयंती समारोह पर पूर्व उप महापौर सम्पत सांखला ने कहा है कि बिना पासपोर्ट एवं वीजा के पडौसी देश की सीमा में स्थित हिगंलाज माता के दर्शन बिना पासपोर्ट एवं वीजा करना, राष्ट्र रक्षा में सर्वस्व न्याछावर करने वाले वीर शिरोमणी महाराजा दाहरसेन को सच्ची श्रद्धाजंली होगी।

हरिभाऊ उपाध्याय नगर स्थित दाहरसेन स्मारक पर आयोजित पुष्पांजलि, हिंगलाज माता पूजा-अर्चना एवं संकल्प दिवस में सांखला ने कहा कि महाराजा दाहरसेन राष्ट्र रक्षा हेतु अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया जो इतिहास में अमर हो गये। ऐसे वीर सपूतो की जयंती हमारी संस्कृति का हिस्सा बनाकर सिंध को पुनः अखण्ड भारत में शामिल करने के प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर उन्होनें वहां उपस्थित जन समूह के साथ हिंगलाज माता मंदिर की पूजा अर्चना के साथ राष्ट्र रक्षा सूत्र बांधे।

समारोह समिति के संयोजक राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के पूर्व सदस्य कंवल प्रकाश किशनानी ने कहा कि प्रति वर्ष स्मारक पर महाराजा दाहरसेन की जयंती पर पारम्परिक खेलकुद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचार गोष्ठियां, दाहरसेन परिवार की पीढ़ियों के सदस्यों को निमंत्रित करना, चित्रकला एवं इतिहास से जुड़े अनेक अनछुए पहलुओं को उजागर करना तथा सप्ताहभर चलने वाले समारोह के विजेताओं तथा प्रतिभागियो को पुरस्कार प्रदान करना कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

 भारतीय सिधंु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने इस अवसर पर आयोजित संकल्प दिवस की जानकारी देते हुए कहा कि जो राष्ट्र अपने वीर बलिदानों का स्मरण रखता है उसका स्वाभिमान सदैव अमर रहता है। उन्होंने एक बार पुनः लोक सभा परिसर में महाराजा दाहरसेन का तेल चित्र  लगवाने की मांग को दोहराया है। सिन्ध के मानचित्र पर रक्षा सूत्र बांधकर संकल्य लिया कि सिन्ध मिलकर अखण्ड बनेगा।

इससे पूर्व समिति के विनीत लोहिया, अजय कपूर, शैलेन्द्र सिंह परमार, मानवी व अभिषेक वैष्णव, रामसिंह धाभाई, गिरधर तेजवाणी, शिव प्रसाद गौतम, गोविन्द लखवाणी, सुधीर भारद्वाज, सुभाष पाराशर, दुर्गा प्रसाद शर्मा, रेखा गोयल, सुरन्द्र सिह चूडावत, शुभनेश माथुर, संदीप धाभाई, सीताराम बच्चाणी, चन्द्र नोताणी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

जयंती समारोह सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन विकास व समारोह समिति के साथ नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, भारतीय सिन्धु सभा, सिन्धु साहित्य एवं इतिहास शोध संस्थान अजमेर, भारतीय इतिहास संकलन समिति का सहयोग रहता है।

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