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सामाजिक समरसता सद्भाव और मानवता के प्रतीक थे संत कंवर राम साहिब - देवनानी

सामाजिक समरसता सद्भाव और मानवता के प्रतीक थे संत कंवर राम साहिब - देवनानी

सामाजिक समरसता सद्भाव और मानवता के प्रतीक थे संत कंवर राम साहिब - देवनानी

किशनगढ़ के सिंधी कॉलोनी स्थित शिवालय में संत कंवर राम साहिब की प्रतिमा का किया अनावरण

सामाजिक समरसता सद्भाव और मानवता के प्रतीक थे संत कंवर राम साहिब - देवनानी

अजमेर में शहादत दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर की आरती, अर्पित किए श्रद्धासुमन


अजमेर (अजमेर मुस्कान)। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को किशनगढ़ स्थित सिंधी कॉलोनी के शिवालय में सिंधु सेवा समिति के निर्देशन में स्थापित संत भगत कंवर राम साहिब की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान झूलेलाल के चित्र के समक्ष ज्योत प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की तथा संत कंवर राम साहिब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवनानी ने कहा कि संत-महात्मा अपने जीवन और विचारों से समाज को सदैव सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं। संत भगत कंवर राम साहिब सामाजिक समरसता, सद्भाव और मानवता के प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, अनाथों, विधवाओं एवं जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था।


उन्होंने कहा कि संत कंवर राम साहिब महान सूफी संत और मानवता के सच्चे उपासक थे। सत्संग एवं भक्ति के दौरान उन्हें प्राप्त होने वाली धनराशि को वे स्वयं पर खर्च करने के बजाय दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की सहायता में लगा देते थे। उनका जीवन सेवा, त्याग, प्रेम और भाईचारे का अनुपम उदाहरण है। सिंधु सेवा समिति द्वारा उनकी प्रतिमा स्थापित करना उनके आदर्शों एवं विचारों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल है।


देवनानी ने कहा कि संतों के विचार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए सेवा और परोपकार को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि संत भगत कंवर राम साहिब 1 नवम्बर, 1939 को शहीद हुए थे। सिंधी समाज द्वारा प्रतिवर्ष इस दिन उनका शहादत दिवस श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है।


कार्यक्रम में तनु मेघानी एवं डिंपल अमरवाणी ने मुख्य अतिथि देवनानी, नगर परिषद सभापति राजकुमार बड़जात्या, उपसभापति मानवेंद्र, पूर्व उपसभापति मनोहर तारणी, विष्णु मेघानी, पीशु भाई मुलानी एवं वासुदेव पंजवानी का तिलक लगाकर स्वागत किया। सिंधु सेवा समिति के पदाधिकारियों का भी माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।


कार्यक्रम का संचालन सिंधु सेवा समिति के गिरधारी अमरवाणी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में  विजय गुरनानी, मुकेश मेघानी, गिन्नी भाई रामनानी, डॉ. मोहनदास मेघानी, रमेश खेमानी, भगवान दासानी, महेश साधवानी,  मुरली जसवानी, अशोक शोभानी,  पंकज अमरवानी एवं  पीयूष मेघानी सहित समिति के अन्य सदस्यों ने सहयोग दिया।


इस अवसर पर  निर्मलदास कोडवानी, इन्द्रेश रामचंदानी, नंदलाल अहिलानी, जयरामदास छतवानी,  गुलाब मीरचंदानी, राधाकिशन रामचंदानी, देव मुलानी, मोहन चन्दीरामानी,  मनोज किशनानी, जितेंद्र कोरानी, जीतू रंगवानी एवं लक्ष्मणदास मूलचंदानी सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। महिलाओं में नेहा गुरबाणी, खुशबू फुलवानी, नीलम, राधा रामचंदानी, पूनम धनवानी एवं  काजल ने भी सहभागिता निभाई। आयोजन में अजमेर के घनश्याम भगत का विशेष सहयोग रहा।


कार्यक्रम के अंत में सिंधु सेवा समिति की ओर से शिवालय परिसर में संत भगत कंवर राम साहिब की प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थान उपलब्ध कराने पर ताराणी परिवार का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही आयोजन में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों एवं समाजबंधुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी ने अजमेर स्थित संत कंवर राम धर्मशाला में आयोजित शहादत दिवस कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने संत कंवर राम साहिब की आरती कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


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