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मेडिकल कॉलेज अजमेर का हीरक जयंती समारोह

मेडिकल कॉलेज अजमेर का हीरक जयंती समारोह

चिकित्सा सेवा महान कार्य, मातृभूमि की सेवा करें चिकित्सक : देवनानी

राजस्थान के मरीज भी करा सकेंगे दूसरे राज्यों में उपचार : गजेन्द्र सिंह खींवसर

मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर चिकित्सकों ने अजमेर का नाम दुनिया में किया रोशन : भदेल

मेडिकल कॉलेज अजमेर का हीरक जयंती समारोह

देश-विदेश के नाम डॉक्टर्स जुटे

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राजकीय जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर दो दिवसीय हीरक जयंती समारोह शनिवार से अजमेर में शुरू हुआ। शुभारम्भ समारोह में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर एवं विधायक अनिता भदेल सहित देश-विदेश में कार्यरत मेडिकल कॉलेज के सैकड़ों पूर्व छात्र एवं देश के नामचीन डॉक्टर्स जुटे।

हीरक जयंती समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवानी ने कहा कि चिकित्सा सेवा महान कार्य है। चिकित्सक अपने जीवन के उच्च मूल्यों को बनाए रखें। मातृभूमि की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। यह सदैव याद रखें और देश व समाज के प्रति अपने आदर्श कर्तव्यों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें। चिकित्सक आम आदमी के लिए भगवान का रूप होता है। वह उपचार के साथ ही स्नेहिल स्पर्श और संवेदनशील होकर काम करता है तो मरीज और जल्दी ठीक हो जाता है। अपनत्व का भाव ही मरीज की चिकित्सा का सबसे बड़ा मंत्र है।

देवनानी ने कहा कि देवनानी ने कहा कि वर्ष 1851 में एक डिस्पेंसरी के रूप में इस अस्पताल की शुरूआत हुई। इसके बाद 1895 में यह बड़ा अस्पताल बना। इसके बाद वर्ष 1965 में मेडिकल कॉलेज की शुरूआत हुई। राज्य सरकार ने दो साल में अजमेर के चिकित्सा जगत को बड़ी सौगात दी हैं। अजमेर के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए 190 करोड़ रूपए की मंजूरी मिली है। यह राशि तीन चरणों में खर्च होगी। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनने के बाद अमजेर संभाग के मरीजों को विशेषज्ञ सेवाओं के लिए जयपुर या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। इसी तरह मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए भी राशि आवंटित की गई है। इसका 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। शेष भी जल्द पूरा होगा। जेएलएन अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए 50 करोड़ रूपए खर्च होंगे। कोटड़ा क्षेत्र में सैटेलाईट अस्पताल का निर्माण हो रहा है। इसी तरह अन्य चिकित्सा सेवाएं भी अजमेर को मिली है। 

उन्होंने चिकित्सकों से अपील की है कि अपने इस मेडिकल कॉलेज की सहायता में भी आगे आएं। यह जयपुर के बाद राज्य का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल है। उन्होंने कहा कि आज नई तकनीकों का जमाना है। जीनोमिक्स, रोबोटिक एवं एआई आधारित चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किए जाने की आवश्यकता है। श्री देवनानी ने कहा कि अजमेर में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.के. अरोड़ा, डॉ. एस.आर. मित्तल व डॉ. एल.के. नेपालिया के योगदान को याद किया जाएगा। 

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार के दो सालों में राजस्थान ने चिकित्सा क्षेत्र में नई ऊचांईयां हासिल की है। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सा जगत के लिए हजारों करोड़ रूपए का बजट आवंटित किया गया है। राज्य के मरीज अब दूसरे राज्यों में बड़े अस्पतालों में भी उपचार करा सकते हैं। चिकित्सा जगत के प्रति आमजन में अटूट विश्वास है। चिकित्सक इस विश्वास को बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में पिछले दो साल में 50 हजार चिकित्साकर्मियों की भर्ती की गई है। इनमें चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ सहित अन्य स्टाफ शामिल है। राजस्थान सरकार प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने बड़े अस्पतालों से अपील की है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं दें। इसमें राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। तहसील स्तर पर चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हो। उन्होंने कहा कि अजमेर के लिए भी कई अहम चिकित्सा सेवाओं का बजट उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अस्पतालों का निर्माण पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके एवं विशेषज्ञता के साथ हो। 

इस अवसर अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल ने कॉलेज की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सकीय शिक्षा और सेवाओं के क्षेत्र में इसके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हीरक जयंती समारोह में देश-विदेश से आए वे सभी चिकित्सक, जिन्होंने इस मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर अजमेर और राजस्थान का नाम रोशन किया है, उनकी स्मृतियां यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेंगी। ऎसे चिकित्सकों का अनुभव, समर्पण और सेवाभाव आने वाली पीढ़ी के मेडिकल छात्रों को उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देता है।

भदेल ने कहा कि आज से लगभग 60 वर्ष पूर्व जब इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी, तब इसकी संरचना, संसाधन और सुविधाएं वर्तमान जैसी नहीं थीं। वर्ष 2025 में यह संस्थान आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, सुपरस्पेशलिटी सेवाओं, नवीन तकनीकों और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का सशक्त केंद्र बन चुका है। यह परिवर्तन राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है। वर्तमान समय में जैसे-जैसे नई और जटिल बीमारियां सामने आ रही हैं, वैसे-वैसे चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों का विकास भी हो रहा है। इन आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर, त्वरित और प्रभावी इलाज उपलब्ध हो पा रहा है। 

इस अवसर पर राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. अशोक कुमार कालवाड़, प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। भामाशाहों व चिकित्सकों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

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