बजट में अजमेर को मिली है सौगातें
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश को आर्थिक समृद्धि, सतत व समावेशी विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए हम निरन्तर प्रयासरत हैं। विकसित राजस्थान@2047 (दो हजार सैंतालीस) की संकल्पना को साकार करने के लिए इस विकास यात्रा में गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी शक्ति (ज्ञान) की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण तथा सुशासन को प्राथमिकता दी है।
यह बजट भी इन्हीं विकास स्तम्भों को आधार बनाकर विकसित राजस्थान/2047 के विजन को साकार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह बजट प्रदेश को संकल्प से सिद्धि, नीयत से नीति तथा आकांक्षा से उपलब्धि की ओर अग्रसर करने वाला बजट है।
• अजमेर में 200 करोड़ (दो सौ करोड़) रुपये के ड्रेनेज सिस्टम के कार्य किए जाएंगे।
• राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने एवंं स्टेक होल्डर को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एनबीसीसी पैर्टन पर राजस्व मंडल अजमेर के नवीन भवन का निर्माण 150 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा।
• आनासागर के मानसून अधिशेष पानी एवं एसटीपी के परिष्कृत पानी को फूलसागर कायड़ में अपवर्तन करते हुए रूपनगढ़ तक बाढ़ प्रोटेक्शन, ड्रेनेज कार्यों के साथ फूलसागर कायड़ से लगभग एक हजार 200 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा तथा औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 100 करोड़ रुपये के कार्य करवाएं जाएंगे।
• अजमेर डिस्कॉम के अन्तर्गत निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ विद्युत तंत्र के ट्रांसफार्मर, फीडर और सबस्टेशन की आईओटी सेंसर द्वारा रीयल टाईम मॉनिटरिंग, विद्युत फॉल्ट के पूर्व अनुमान तथा पारदर्शी मीटर बिलिंग के लिए ग्रिड को एआई इनेबलड किया जाएगा।
• अजमेर में पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग का निर्माण करवाया जाएगा।
• अजमेर में आमजन एवं पर्यटकों के लिए सुविधा सेन्टर विकसित किए जाएंगे।
• एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर में महर्षि दयानन्द सरस्वती के पेनोरमा का निर्माण किया जाएगा।
• तारागढ़ में पर्यटन सम्बन्धी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
• अजमेर में फाईबर टू होम टेक्नीशियन के ट्रेडस प्रारम्भ किए जाएंगे।
• अजमेर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में चरणबद्ध रूप से आगामी दो वर्षों में आईटीसी लैब की स्थापना की जाएगी।
• माकड़वाली (अजमेर) एवं पालरा औद्योगिक क्षेत्र (पुष्कर) में नवीन पुलिस चौकी स्थापित होगी।
• अजमेर के तबीजी में उचित मूल्य पर मुर्गी दाना उपलब्ध करवाने के लिए पोल्ट्री फीड यूनिट स्थापित की जाएगी।
• अजमेर में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए टींकरिंग लेब, डीप-टेक लेब, डाटा एवं एआई लेब, जैसी नेक्सट जनरेशन टेक्नोलोजी से युक्त नवीन टेक्नो हब स्थापित किए जाएगे। इस हेतु 30 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
• अजमेर में अध्ययन एवं आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य एवं सुविधाओं के विस्तार के लिए नवीन मॉडल संदर्भ केन्द्र स्थापित किए जाएगे।
• अजमेर में नोईस मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही चिन्हित स्थलों साइलेंट जोन घोषित किए जाएंगे।
• अजमेर में मॉडल उद्यान ऑक्सीजोन के रूप में विकसित किए जाएंगे।
• चिकित्सा महाविद्यालयों में डीएम (क्रिटिकल केयर) तथा एमसीएच (ट्रोमा सर्जरी) के सुपर स्पेशलिटी कोर्स प्रारम्भ किए जांगे। एमडी (इमरजेंसी मेडिसिन) की सीट को बढ़ाकर 20 किया जाएगा।
• अजमेर में आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन की जीवन रक्षा हेतु प्राथमिक उपचार दिये जाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता संवद्र्धन के लिए बेसिक लाईफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।
• मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अजमेर के चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य चिकित्सालयों में अत्याधुनिक विश्राम गृह स्थापित किए जाएंगे।
• जेएलएन चिकित्सालय में गम्भीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही ऑपरेशन हेतु लगने वाले प्रतीक्षा समय में कमी लाने के लिए अस्पताल समय के पश्चात् ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत प्राप्त होने वाले पैकेज में प्रोत्साहन हिस्सा राशि दी जाएगी।
• चिकित्सा शिक्षा के अधीन चिकित्सालयों में ओपीडी कक्षों में मरीजों को ई-परामर्श पर्ची जारी करने के लिए डॉक्टर डिजीटल डेस्क स्थापित की जाएगी।
• गम्भीर बीमारियों यथा-कैंसर, किडनी फेलियर व हृदय रोग से पीड़ित अन्य चिकित्सालयों से रैफर होकर आने वाले मरीजों के लिए, चिकित्सा शिक्षा से सम्बद्ध चिकित्सालयों में पृथक से रैफरल आउटडोर की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी।
• भीड़ प्रबन्धन, महिला सुरक्षा तथा आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा शिक्षा से सम्बद्ध चिकित्सालयों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित कर इन्हें अभय कमाण्ड सेन्टर से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इस हेतु 25 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
• चिकित्सा महाविद्यालयों से सम्बद्ध अस्पतालों में मरीजों, उनके परिजनों, स्टाफ एवं विद्यार्थियों को उचित दर पर पौष्टिक भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अटल आरोग्य फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इस हेतु 100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
• फॉरेंसिंक साईंस लेब के सुदृढ़ीकरण किए जाने की दृष्टि से अजमेर में रीजनल फॉरेंसिंक साईंस लेब में चरणबद्ध रूप से साईबर फॉरेंसिंक डिवजीन की स्थापना की जाएगी।
• अजमेर-पुष्कर बड़ी घाटी सड़क निर्माण कार्य (7.50 किमी.) 12 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
• पुष्कर घाटी मार्ग का चौड़ाईकरण (6 किमी.) 12 करोड़ रुपये की लागत से कार्य होगा।
• भिनाय में औद्योगिक पार्क एवं आधारभूत कार्य करवाए जाएंगे।
• गेगल औद्योगिक क्षेत्रों के विकास एवं आधारभूत सुविधाओं यथा-सड़क, पानी, बिजली आदि के लिए राशि व्यय की जाएगी।
• विजयनगर से केकड़ी तक सड़क का 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा।
• पाटन से किशनगढ वाया तिलोनिया-हरमाड़ा-भोजियावास सड़क (किशनगढ़) 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा।
• गुलगांव-मेहरूकलां-बिसुन्दनी सडक मय पुलिया निर्माण (केकड़ी) 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा।
• शेरगढ से जीवनपुरा पर पुलिया निर्माण (केकड़ी) कार्य 4 करोड 95 लाख रुपये की लागत से करवाया जाएगा।
• विजयनगर (एनएच-48 के जंक्शन) से ब्यावर (एनएच-58 के जंक्शन) एसएच-39 का अनुभाग (42 किमी) का निर्माण कार्य 210 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जाएगा।
• कायड़ (पुष्कर), खातौली (किशनगढ़) में 33/11 केवी जीएसएस निर्माण कार्य होगा।
• किशनगढ़ में हमीर तालाब के आसपास नालों के विकास कार्य (किशनगढ़) 10 करोड़ रुपये के किए जाएंगे।
• भिनाय में देवनारायण बालक आवासीय विद्यालय शुरू किया जाएगा।
• पुष्कर में हेरीटेज वॉक-वे का निर्माण करवाया जाएगा।
• सरवाड़ किले में संरक्षण एवं जीर्णाेद्धार के कार्य करवाये जाएंगे।
• पुष्कर में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्य प्रवेश मार्ग को मॉडल रोड़ के रूप में विकसित किए जाने एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य होंगे।
• लीडी (पीसांगन) पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।
• भूणाबाय (पुष्कर) में सहायक अभियंता (विद्युत) कार्यालय स्थापित होगा।
• केकड़ी में मिनी सचिवालय का निर्माण करवाया जाएगा।
• सरवाड के मदन सरोवर, धानवा बांध एवं नहरों की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के 10 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।
• नसीराबाद के हाथीपट्टा, रसूलपुरा, बरवाला, बाघसुरी तालाब, लक्ष्मीपुरा, कल्याणीपुरा, परमानन्द सागर, जसवंतपुरा, रामबाड़ी तालाब, छोटा एवं बड़ा तालाब झडवासा, गोपाल सागर राजगढ़ के जीर्णाेद्धार के 12 करोड़ 80 लाख रुपये के कार्य करवाए जाएंगे।
• पीसांगन के सागरमति नदी में खानपुरा से गोविन्दगढ़ दौराई, डूमाळा व भावता होते हुए चौनेलाईजेशन, रिसेक्शनिंग एवं प्रोटेक्शन के 60 करोड़ रुपये कार्य करवाए जाएंगे।
• देवसागर तालाब, बलवंता तालाब, मदारपुरा तालाब एवं फीडर तंत्र जादिया तालाब, दांता तालाब का जीर्णाेद्धार 15 करोड़ रुपये के कार्य करवाए जाएंगे।
• पालरा, छातरी, नटूटी, पनेर एनिकट, पनेर, रूपनगढ़ एनिकट कम कॉजवे, संबंधित कार्य एवं दादू सागर, गऊसागर (नोसल), रूपसागर (नवां), गोपाल सागर (करकेड़ी), रसूलपुरा, माकडवाली, चाचियावास, अजमेर के तालाबों एवं जल संरचनाओं के जीर्णाेद्धार, ड्रेनेज सम्बन्धित 60 करोड़ रुपये के कार्य करवाए जाएंगे।
• किशनगढ़, रूपनगढ़ के रणसमंद नयागांव तालाब की नहरों का निर्माण कार्य, ब्राह्मणों का एनिकट का जीर्णाेद्धार तथा जल संरचनाओं, तालाब, एनिकट, कॉजवे के जीर्णाेद्धार के लिए 12 करोड़ 50 लाख रुपये के कार्य करवाए जाएंगे।
• जिले में स्कूल ऑन व्हीलस स्थापित किया जाएगा तथा माइग्रेशन प्रोन क्षेत्रों में अस्थायी शिक्षा शिविर संचालित किए जाएंगे। साथ ही, शैक्षिक संभागों पर 6 माह स्कूल रेडीयनस कैम्प आयोजित किए जाएंगे।
• जिला स्तरीय नगरीय निकायों के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान बनाए जाएगे। इस हेतु 40 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
• नगरीय निकायों हेतु सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी बनायी जाएगी।
• अभय कमाण्ड एवं कन्ट्रोल सेन्टर में 3 माह के वीडियो डाटा के संधारण, आईटी इन्फ्रास्ट्रेक्चर के विस्तार तथा एआई बेसड वीडियो एनालिस्ट स्थापना प्रस्तावित है।
• संभागीय मुख्यालयों पर चिन्हित सड़कों पर आईटीएमएस, अरबन मोबिलिटी एप, सड़क व चौराहा सुधार, फ्लाईऑववर, अण्डरपास, ट्रैफिक सोल्यूशन, सिग्नल फ्री ट्रैफिक, पार्किंग सम्बन्धी कार्य करवाये जाने की घोषणा की गई।
• समस्त संभाग स्तरीय आईटीआई में एडवांस (कम्प्यूटराईजड न्यूमेरिक कंट्रोल) मशीनिंग टेक्नीशियन एवं सेमीकण्डक्टर टेक्नीशियन के ट्रेडस प्रारम्भ किए जाएंगे।
• संभाग स्तर पर समस्त चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ को चरणबद्ध तरीके से कॉर्डियेक लाइफ सपोर्ट सर्टिफिकेशन कोर्स प्रशिक्षण दिया जाएगा।
• राजीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में आगे बढ़ाने के लिए संभागीय मुख्यालयों पर राज सखी स्टोर प्रारम्भ किए जाएंगे। क्षमता संवद्र्धन हेतु सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से सेंटर फोर इंटरप्रयोनरशिप एण्ड केपीसिट बिल्डिंग स्थापित किए जाएंगे।
• जिला मुख्यालयों पर आगामी वर्ष उन्नत नमो नर्सरी की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध रूप से नमो वन विकसित किए जाएंगे।
• समस्त जिला कलक्टर कार्यालयों, 323 उपखण्ड कार्यालयों एवं समस्त 425 तहसीलों में आगामी 3 वर्षों में नवीन फर्नीचर तथा कम्प्यूटर आदि उपलब्ध करवाये जाएंगे। प्रथम चरण में आगामी वर्ष, समस्त जिला कलक्टर कार्यालयों, 100 उपखण्ड तथा 100 तहसील कार्यालयों में नवीन फर्नीचर तथा कम्प्यूटर आदि उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है।
• समस्त नगरीय निकायों में चरणबद्ध रूप से स्मार्ट सेवा केन्द्र स्थापित कर आमजन को जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र, फॉयर एनओसी एवं अन्य अनुज्ञा पत्रों सम्बन्धी सेवायें ऑनलाईन व समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवायी जाएंगी।
• राज्य के नगर निगमों के प्रमुख 100 पार्किंग स्थलों पर चरणबद्ध रूप से पीपीपी मोड पर ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जाएगी।
• नगरीय निकायों में चरणबद्ध रूप से डॉग शेल्टर के निर्माण किए जाएंगे।
• 160 नगरीय निकायों में डम्प साइट पर पड़े लगभग 100 लाख टन पुराने कचरे का चरणबद्ध रूप से निस्तारण के लिए 550 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।
• प्रदेशवासियों को ग्रीष्म ऋतु में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराये जाने की दृष्टि से समर कंटिजेंसी के अन्तर्गत प्रत्येक जिला कलक्टर को एक करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवायी जाएगी।
• पंचायत से सम्बन्धित सेवायें उपलब्ध करवाये जाने हेतु ई-पंचायत पोर्टल के अपग्रेशन का कार्य भी किया जाएगा।
• पंचायतीराज संस्थाओं द्वारा संधारित की जा रही परिसम्पत्तियों के रिकॉर्ड का डिजीटिलाईजेशन किया जाना प्रस्तावित है।
• हमारे द्वारा शुरू की गई पंचगौरव योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष, जिलों में आधारभूत संरचना, पर्यटन उन्नयन, सांस्कृतिक संरक्षण, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं के लिए 150 करोड़ (एक सौ पचास करोड़) रुपये व्यय किए जाएंगे।

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