आनासागर की डीसिल्टिंग पर हुई चर्चा
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। आनासागर की डीसिल्टिंग के सम्बन्ध में संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक आयोजित हुई। इसमें आनासागर की डीसिल्टिंग पर चर्चा की गई। बैठक में अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के. एवं डॉ. नेहा राजपूत ने अपने विचार रखे।
संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि डीसिल्टिंग से पहले पानी तथा मिट्टी की विभिन्न मानकों के आधार पर जाँच होनी चाहिए। पर्यावरण हितैशी निर्देशों के अनुसार कार्यों की प्राथमिकता तय होनी चाहिए। इस दौरान प्रकृति से कम से कम छेड़छाड़ हो। जलीय जीवन तथा पक्षी वर्ग के क्रिया कलापों में व्यवधान नहीं आए। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। सर्वे करने के उपरान्त ही पर्यावरणविदों की राय के अनुसार कार्य हो।
उन्होंने कहा कि डीसिल्टिंग होने से आनासागर झील की भराव क्षमता में वृद्वि होगी। इससे निचली बस्तियों में मानसून के दौरान जल भराव नहीं होगा। आनासागर में गिरने वाले गन्दे जल को रोका जाना चाहिए। कार्य की देखरेख जिला पर्यावरण समिति के द्वारा की जाएगी। आर्द्र भूमि तथा जल सरंचनाओं से जुड़ी राजकीय संस्थाओं की सेवाएं ली जानी चाहिए।
इस अवसर पर अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव अनिल पूनिया, जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता ओंकार बैरवाल, नगर निगम के एसीई प्रेम शंकर शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

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