होली प्रेमभ्रातृत्वस्य उत्सवः अस्ति..
अजयमेरु प्रेस क्लब में 'होली महोत्सव' सम्पन्न
गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों ने समा बांधा
हास्य नाटिकाओं ने गुदगुदाया
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। होली प्रेमभ्रातृत्वस्य उत्सवः अस्ति। अस्मिन् दिने शत्रुः अपि एकतावैरं विस्मृत्य परस्परं आलिंगयन्ति।"
प्रेम और भाईचारे के इस संदेश के साथ अजयमेरु प्रेस क्लब में हर वर्ष की भांति 'होली महोत्सव' धूमधाम से मनाया गया। रविवार 1 मार्च को प्रेस क्लब परिसर में आयोजित कार्यक्रम में लोक गीत व नृत्य सहित विभिन्न अन्य पारंपरिक गीत, पैरोड़ी कव्वाली ने जहां समा बांधा, वहीं हास्य नाटिकाओं ने गुदगुदाया। चुलबुले व्यंग्यों के अनेक आइटम प्रस्तुत कर क्लब सदस्यों ने मस्ती के ऐसे रंग बिखेरे कि दर्शक अंत तक होली की फुहारें महसूस करते रहे।
कार्यक्रम का आगाज़ शुभंकर की स्थापना से हुआ। इस बार के शुभंकर की थीम थी 'गलगोटिया यूनिवर्सिटी' के "रोबो डॉग की चोरी का विवाद"। इस थीम पर 'छलगोटिया' रोबो डॉग का मॉडल स्थापित किया गया, जिसके इंट्रोडक्शन के लिए अमित टंडन व प्रताप सिंह सनकत ने मजेदार वार्ता पेश की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की पहली कड़ी में फाग गीत "होली आई रे फागण रा महीना मस्ती छाई रे..." पेश किया कृष्णगोपाल पराशर और उपाध्यक्ष राजकुमार पारीक ने। मस्ती भरे इस फाग गीत पर लोक कलाकार अशोक शर्मा के साथ करुणा वर्मा ने सुंदर नृत्य की प्रस्तुति देकर चार चांद लगा दिये। इसके तुरंत बाद प्रेस क्लब की महिलाओं के 'हमसफ़र' ग्रुप की सदस्यों श्वेता सलीम, शालिनी जैन, सुनीता जैन 'रूपम', अनिता सोनी, कृष्णा शर्मा तथा जसवीर कौर विर्दी ने 'परण्या नाचण दे...' गीत पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल आनंदमयी बना दिया।
कार्यक्रम को मुस्कानों से भरा हेमन्त शर्मा द्वारा लिखित नाटिका "झोला छाप डॉक्टर" ने। छोटी-छोटी हास्य क्षणिकाओं को समेटे इस नाटिका में स्वयं हेमन्त शर्मा सहित प्रताप सनकत, कोषाध्यक्ष सत्यनारायण जाला तथा महादेव कर्मवानी ने अपनी अदायगी से सभी को गुदगुदाया।
कराओके ट्रेक पर 'मेरे अँगने में तुम्हारा क्या काम है.." गीत की मेलोडियस प्रस्तुति में अमित टण्डन तथा उनके साथियों गुरजेंद्र सिंह विर्दी, सचिव अब्दुल सलाम कुरेशी, गणेश चौधरी तथा शरद शर्मा ने मधुर सुर छेड़े। प्रत्येक अन्तरे पर विभिन्न स्वांग रच कर मंच पर आए रामगोपाल सोनी, महादेव कर्मवानी, विजय कुमार शर्मा व राजकुमार पारीक ने लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।
गीत के तुरंत बाद प्रस्तुत हास्य नाटिका 'इडियट आई-डल' ने सभी के होठों पर मुस्कान बिखेर दी। सिंगिंग कांटेस्ट आधारित व प्रदीप गुप्ता लिखित इस हास्य रचना में स्वयं गुप्ता, अब्दुल सलाम कुरेशी, कृष्णगोपाल पाराशर, अमित टंडन, रामगोपाल सोनी, शरद शर्मा तथा महादेव कर्मवानी ने विभिन्न किरदार निभा कर अपनी हरफनमौला कला-क्षमताओं का परिचय दिया। अशोक शर्मा ग्रुप की बालिकाओं आरती, ज्योति, दिव्या व पायल ने 'होलिया में उड़े रे।गुलाल..' गीत पर जहां पारंपरिक नृत्य प्रस्तुति से संस्कृति के रंग मंच पर उंडेले, वहीं एक अन्य हास्य नाटिका 'मिठाई का ऑर्डर' ने फिर सबकी हंसी छुड़ा दी। डॉ रमेश अग्रवाल लिखित इस हास्य नाटिका की थीम अजयमेरु प्रेस क्लब की अंदरूनी मस्ती थी। इसमें कोषाध्यक्ष सत्यनारायण जाला अपने स्वयं के किरदार में सशक्त अभिनय से दाद पा गए, तो महादेव कर्मवानी ने क्लब के कार्यालय सहायक राजेश सक्सेना की भूमिका दमदार तरीके से निभाई। डॉ अग्रवाल की दमदार स्क्रिप्ट पर पर्दे के पीछे से 'टेली कॉलर' का किरदार हेमन्त शर्मा ने निभाया।
इसके बाद आया मस्ती भरा आइटम 'पैरोड़ी'। एक बार फिर डॉ रमेश अग्रवाल की कलम का जादू चला और मन्ना डे की मशहूर कव्वाली 'ऐ मेरी ज़ोहराजबीं..' की तर्ज पर लिखी पैरोड़ी 'ऐ मेरी श्रीमती...' मंच पर छा गई। मुख्य गायकों के रूप में प्रताप सिंह सनकत, गुरजेंद्र सिंह विर्दी और प्रदीप गुप्ता कव्वालों के लिबास में जब मंच पर आए तो लोगों के चेहरे खिलखिला उठे। उसके बाद हेमन्त शर्मा के संगीत संयोजन में जब कव्वाली शुरू हुई तो एक-एक अन्तरे पर प्रताप सनकत, गुरजेंद्र सिंह विर्दी और प्रदीप गुप्ता ने मस्ती भरी दमदार गायकी पेश की तो पैरोड़ी में समाहित हास्य का एक-एक रंग छिटक-छिटक कर दर्शकों के लबों पर गिरता रहा और हर कोई कहकहे लगा कर गीत की मस्ती में डूब गया। ऋचा गोयल व उनके पुत्र धैर्य गोयल ने 'चाल चंदा डागल्या...' गीत पर मोहक प्रस्तुति से तालियां बटोरीं।
इसके पश्चात डॉ अग्रवाल लिखित एक और झलकी 'अजयमेरु अजायबघर' की प्रस्तुति ने सभी का मनोरंजन किया। जंगल के जानवरों को किरदारों के रूप में रखकर लेखक ने अपनी हास्य परिकल्पना को जहां कागजों पर उतारा, वहीं हाथी, लोमड़, गधा, चूहा, बिल्ली शेर, जिराफ, शेर आदि किरदारों को अपनी अदायगी के साथ लेकर मंच पर उतरे राजेश सक्सेना, विजयकुमार शर्मा, रामगोपाल सोनी, सुदेशचंद शर्मा, सत्यनारायण जाला, हेमन्त शर्मा, प्रताप सनकत, कृष्णगोपाल पाराशर, जीएस विर्दी, महादेव कर्मवानी तथा चंद्रभान प्रजापति। कहानी को पर्दे के पीछे से नरेट किया स्वयं डॉ अग्रवाल ने। कार्यक्रम का समापन हुआ राष्ट्रीय स्तर की नृत्यांगना तृप्ति बुन्देल व अमीषा बुन्देल की कत्थक नृत्य की मोहक प्रस्तुति से।
इससे पूर्व अध्यक्ष डॉ रमेश अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी के साथ सभी को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का सफल संचालन अमित टण्डन ने किया। बीच-बीच मे दर्शकों से राब्ता बनाने के लिए उनसे भी रोचक सवाल -जवाब भी किये।
अंत में लकी डॉ निकाला गया और विजेताओं को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कारों के वितरण के साथ 1100 रुपए का एक सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया। सभी पुरस्कार सुदेशचंद शर्मा की तरफ से प्रायोजित थे। अंत में क्लब के महासचिव सीपी कटारिया ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सदस्य डीके शर्मा, अमरसिंह शेखावत, क्लब के लिपिक भूपेंद्र जेलिया, विजय कुमार हंसराजानी, शाहरुख कुरेशी, रजनीश रोहिल्ला, सैयद सलीम आदि का सहयोग रहा।
इस अवसर पर अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी, आरएसएस के पूर्व अजमेर शहर संघ चालक सुनीलदत्त जैन, क्लब के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र गुंजल, महेंद्र सिंह राठौड़, ललित शर्मा, नरेंद्र जैन, डॉ अशोक मित्तल, डॉ शशि मित्तल, राजेश आनंद, लायन राजेन्द्र गाँधी, आभा गांधी, मधु अग्रवाल, आभा शुक्ला सहित प्रेस क्लब सदस्य व हमसफ़र ग्रुप की सदस्य तथा बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्धजन उपस्थित थे।



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