अंधा युग का सशक्त मंचन, युद्ध की विभीषिका और मानवीय मूल्यों का मार्मिक चित्रण
तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल के अंतर्गत जवाहर रंगमंच पर हुई प्रभावशाली प्रस्तुति
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। तृतीय अजमेर थिएटर फेस्टिवल के अंतर्गत सोमवार को जवाहर रंगमंच पर प्रख्यात साहित्यकार धर्मवीर भारती द्वारा लिखित और राम गोपाल बजाज द्वारा निर्देशित नाटक ने महाकाव्य महाभारत की एक झलक पेश की - जो प्रेम, प्रतिशोध और सत्ता संघर्ष की विशाल कहानी है। इस नाटक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हिंसा का प्रत्येक कार्य समाज को समग्र रूप से पतित करता है। युद्ध केवल विजेता और पराजित ही नहीं बनाता, बल्कि पूरे समाज को अंधकार और विनाश की ओर धकेल देता है। नाटक की कथा महाभारत के युद्ध के अंतिम चरण के बाद की परिस्थितियों पर आधारित है, जिसमें युद्ध की भयावहता, नैतिक पतन और मानवीय मूल्यों के संकट को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। नाटक अश्वत्थामा के इर्द-गिर्द केंद्रित था, जिसने अपने पिता और अन्य लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए ब्रह्मास्त्र नामक परम शस्त्र का प्रयोग किया।
मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों के आंतरिक द्वंद्व, पीड़ा और संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। गंभीर संवादों और सटीक मंच संयोजन ने नाटक को और अधिक प्रभावी बना दिया।
नाटक में पोटशांगबम रीता देवी, शिल्पा भारती, अश्विन वर्मा, अजय कुमार, अंकुर सिंह, सुशील कांत मिश्रा, नवीन सिंह ठाकुर, सुमन कुमार, धीरज कुमार, अनंत शर्मा, बिक्रम लेप्चा, सौरभ गुरुदास, अंकुर सिंह, सत्येन्द्र मलिक, अजय कुमार, बिपिन घोबाले, हीरा लाल रॉय, विकास गुप्ता, मजीबुर रहमान, पूजा गुप्ता, सुगंध पांडे, माधवी शर्मा, अदिति आर्या, मधुरिमा तरफदार, शिवानी भारती, भावांजलि सक्सेना इत्यादि कलाकारों ने अपनी अभिनय प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन दर्शकों को पूरे समय नाटक से जोड़ा रखा और प्रस्तुति के अंत में कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
फेस्टिवल नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली, कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन अजमेर तथा अजमेर विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक नाट्य कला संस्थान, आप-हम संस्थान, कला अंकुर, इंडियन लेडीज क्लब, द टर्निंग पॉइंट पब्लिक स्कूल तथा न्यू आदर्श शिक्षा समिति सहयोगी संस्थाओं के रूप में अपनी विशेष सहभागिता निभा रही हैं।
दर्शक पूरे समय नाटक से जुड़े रहे और प्रस्तुति के अंत में कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि 7 मार्च आयोजित होने रहे फेस्टिलवल का अंतिम दिन है संयोजक योबी जॉर्ज के अनुसार कल 10 मार्च को 7 बजे बायन का मंचन किया जायेगा, सहयोगियों स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेगे।

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