राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड : बोर्ड सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी परीक्षा संचालन की विस्तृत जानकारी
शांतिपूर्ण रूप से सफलतापूर्ण बोर्ड की परीक्षा सम्पन्न हुई
20 मार्च तक सैकण्डरी का परिणाम जारी करने की तैयारी, वर्ष 2027 में दो बार होगी माध्यमिक परीक्षा
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 11 मार्च को शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गई। बोर्ड इस वर्ष सैकण्डरी परीक्षा का परिणाम 20 मार्च तक जारी करने की तैयारी कर रहा है। वर्ष 2027 में बोर्ड की परीक्षाएं वर्ष में दो बार फरवरी व मई में होंगी। इसका प्रस्ताव राज्य सरकार की स्वीकृति के लिए भिजवा दिया गया है। पूरे प्रदेश में हजारों शिक्षक परिणाम जारी करने के लिए पूरे मनोयोग से मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के सफलतापूर्वक समापन पर बोर्ड सचिव गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं, परीक्षार्थियों की संख्या तथा परीक्षा संचालन की विस्तृत जानकारी दी।
बोर्ड सचिव राठौड़ ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2026 की परीक्षाएं 12 फरवरी से प्रारम्भ होकर 11 मार्च 2026 तक संचालित हुईं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बोर्ड की विभिन्न परीक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। माध्यमिक परीक्षा में 10 लाख 68 हजार 78, उच्च माध्यमिक स्तर में 9 लाख 9 हजार 87, प्रवेशिका परीक्षा में 7 हजार 811 तथा वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 4 हजार 122 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इस प्रकार लाखों विद्यार्थियों ने इन परीक्षाओं में भाग लिया।
बोर्ड परीक्षाएं प्रदेशभर के कुल 6195 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की गईं। जहां लगभग 175 प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं सम्पन्न कराई गईं। परीक्षा के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए व्यापक प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
राठौड़ ने बताया कि परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए बोर्ड तथा शिक्षा विभाग की संयुक्त फ्लाइंग टीमों द्वारा सतत निगरानी रखी गई। लगभग 150 संयुक्त निदेशक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में निरीक्षण दल सक्रिय रहे। वहीं बोर्ड स्तर पर विशेष फ्लाइंग टीमें गठित की गईं। इसके द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
उन्होंने बताया कि बोर्ड मुख्यालय पर परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए अत्याधुनिक केन्द्रीय परीक्षा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया था। जो परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व तथा परीक्षा समाप्ति तक 24 घंटे सभी अवकाश दिवसों सहित लगातार कार्यरत रहा। नियंत्रण कक्ष में बड़ी स्क्रीन तथा लगभग 30 लैपटॉप के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों से प्राप्त सूचनाओं एवं सीसीटीवी मॉनिटरिंग पर सतत निगरानी रखी गई। प्राप्त शिकायतों के आधार पर फ्लाइंग टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि कई परीक्षा केन्द्रों पर बिजली बंद होने जैसी शिकायतें भी प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित समाधान किया गया। इससे किसी भी विद्यार्थी की परीक्षा प्रभावित नहीं हुई। एनएसओ से संबंधित कई प्रश्न एवं शंकाएं भी नियंत्रण कक्ष में प्राप्त हुईं, जिनका निस्तारण एक मिनट से भी कम समय में किया गया। इससे कोई भी विद्यार्थी एनएसओ के कारण परीक्षा से वंचित नहीं रहा।
बोर्ड की विशेष फ्लाइंग टीम को कुछ शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका समयबद्ध निस्तारण किया गया। इन शिकायतों में कुछ मामलों में परीक्षकों की संलिप्तता, कार्मिकों की उदासीनता तथा लापरवाही के मामलों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई भी की गई।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी के लिए 167 केन्द्रों पर 274 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनकी सतत मॉनिटरिंग की गई। इसके अतिरिक्त पांच टेलीफोन लाइनों के साथ एक पृथक नियंत्रण कक्ष भी संचालित किया गया, जिससे परीक्षा से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने बताया कि परीक्षा सम्पन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन एवं सुरक्षित संग्रहण की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित ढंग से की गई। उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण के लिए प्रदेशभर में 66 संग्रहण केन्द्र स्थापित किए गए हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के प्राप्त होने पर आवश्यकतानुसार रात्रि कार्य के माध्यम से भी उनका संकलन एवं व्यवस्थापन किया गया।
उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित करने के उद्देश्य से केन्द्रीय मूल्यांकन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में लगभग 30 हजार 915 शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे हुए हैं। बोर्ड का प्रयास है कि सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर 20 मार्च तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए।
राठौड़ ने यह भी जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र से बोर्ड परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित करने की योजना है। इसके तहत पहली परीक्षा फरवरी माह में तथा दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा के सफल संचालन में जिला स्तरीय संचालन समितियों, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। सभी के समन्वित प्रयासों से परीक्षाएं शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो सकीं।
इस अवसर पर विशेषाधिकारी नीतू यादव, मुख्य नियंत्रक राजेश निर्वाण, निदेशक गोपनीय गीता पलासिया, उपनिदेशक परीक्षा शिवप्रकाश सोनी, सहायक निदेशक राजीव चतुर्वेदी, अजय इनानी, अरुण जोशी एवं अजय बन्सल उपस्थित रहे।

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