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कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की जिला स्तरीय समितियों की बैठक आयोजित

कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की जिला स्तरीय समितियों की बैठक आयोजित

कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की जिला स्तरीय समितियों की बैठक आयोजित

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से सम्बन्धित जिला स्तरीय कृषि समिति, क्रियान्वयन समिति, जिला उद्यानिकी विकास समिति, आत्माशाषी परिषद, निगरानी समिति, शिकायत निराकरण समिति, तिलहन मिशन एवं राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की बैठक जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित हुई।

जिला कलक्टर लोक बन्धु ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि योजनाओं के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अभी से कार्य आरम्भ करें। इनकी सुपरवाईजर स्तर तक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। वार्षिक लक्ष्यों को मासिक आधार पर ब्लॉकवार विभाजित कर विभागीय स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जानी चाहिए। विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाने के लिए कार्य योजना बनाए। योजनाओं की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता क्षेत्र तय हो। उस क्षेत्र विशेष के लिए उपयोगी योजनाएं लागू करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसान गोष्ठी का आयोजन नियमित रूप से होना चाहिए। इसमें भाग लेने वाले किसानों के कृषि व्यवहार में भी गोष्ठी के माध्यम से परिवर्तन दृष्टिगोचरा होना चाहिए। लक्ष्यों को शत प्रतिशत पूर्ण करने के लिए समस्त स्तर मिलकर कार्य करें। लक्ष्यों के अनुरूप संसाधन नहीं मिलने पर सक्षम स्तर से सम्पर्क किया जाना चाहिए। योजनाओं में अधिकतम आवेदन करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कृषि विषय में अध्ययनरत छात्राओं के लिए प्रोत्साहन राशि की योजना से सभी छात्राएं लाभान्वित होनी चाहिए। इसके लिए शिक्षण संस्थानों से सम्पर्क कर छात्राओं के आवेदन कराएं। परम्परागत कृषि विकास योजना के विभिन्न घटकों में अन्य विभागों की योजनाओं के साथ कन्वर्जेन्स किया जाना चाहिए। फसल उत्पादन योजना 2026 की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने उर्वरकों की बुआई रकबे के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यूरिया, डीएपी, एसएसपी एवं एनपीके की महीने के अनुसार मांग का आकलन किया जाए। उसके अनुसार उपलब्धता एवं आपूर्ति की मॉनिटिरिंग करें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभार्थियों को विभाग एवं सरकार के व्हाटॅसएप ग्रुपों से जोड़ा जाना चाहिए। इससे सरकार की योजनाओं के बारे में व्यक्तियों को अध्ययतन सुचना मिलेगी। सरकार से प्राप्त बजट का पूरा उपयोग ले। समस्त निर्धारित गतिविधियां की जानी चाहिए। क्षेत्र भ्रमण में जाने वाले किसानों के द्वारा अपनाए गए नवाचारों का दस्तावेजीकरण किया जाए। कृषक वैज्ञानिक संवाद को अधिक प्रभावशाली बनाए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जन-जन तक पहुँचाने के लिए कृषकों को ओर अधिक जागरूक करने के प्रयास किए जाए। फसल बीमा से सम्बन्धित शिकायतों का विश्लेषण करें। गत वर्षों के अवितरित बीमा क्लेम के लिए दस्तावेज पूरे कर वितरित कराएं। तिलहन मिशन के लिए नियमित रूप से कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को बढ़ावा देने का प्रयास करें।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर ज्योति ककवानी, सयुंक्त निदेशक अनुप्रिया यादव, सहायक निदेशक उषा चितारा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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