आरयूआईडीपी के पांचवें चरण के कार्यों पर संवाद कार्यक्रम सम्पन्न
अजमेर शहर के जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स से हुई चर्चा
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) अपने पांचवें चरण में अजमेर शहर में 219.28 करोड़ से होने वाले कार्यों पर शहर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों, विभिन्न विभाग के अधिकारियों, मीडिया एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए कंसल्टेशन मीटिंग आरयूआईडीपी संवाद का आयोजन बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। आरयूआईडीपी संवाद कार्यक्रम में पंचम चरण में होने वाले कार्यों की जानकारी दी गई तथा साथ ही प्रतिभागियों से सुझाव व फीडबैक लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने की।
पंचम चरण के प्रमुख उद्देश्य
आरयूआईडीपी के पंचम चरण के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अत्यधिक शहरीकृत शहरों एवं उनके सैटेलाइट नगरों का विकास इसके अन्तर्गत किया जाएगा। इन शहरों के विस्तार एवं अनियोजित परिधि का प्रबंधन किया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही इन स्थानों को स्वस्थ वातावरण प्रदान कर रहने योग्य बनाया जाएगा। इससे वहाँ स्वस्थ समुदायों का विकास हो सकेगा।
इस चरण के माध्यम से राज्य के प्रमुख शहरों में अधोसंरचना के अंतराल अथवा कमी को दूर किया जाएगा। साथ ही सेवा गुणवत्ता में सुधार एवं पर्यावरणीय निरंतरता को बढ़ावा देकर समग्र अपशिष्ट जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा। अपशिष्ट जल प्रबंधन के कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों में बाढ़ प्रबंधन, ड्रेनेज कार्य, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन तथा कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर, शहरी गतिशीलता तथा आवश्यकतानुसार कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) सम्मिलित हैं।
प्रदेश के 84 शहरों का होगा विकास, शहरों को स्मार्ट व सस्टेनेबल बनाने पर रहेगा फोकस
राजस्थान सरकार राज्य के 84 शहरों में पांचवें चरण के कार्य जल्द ही शुरु करने की तैयारी कर रही है। लगभग 9500 करोड़ की लागत से शहरों को स्मार्ट व सस्टेनेबल बनाया जाएगा। इस चरण में अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन, जल निकासी कार्य, विरासत संरक्षण एवं पर्यटन, कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर आदि क्षेत्रों में प्रदेश के शहरों का विकास किया जाएगा। इस चरण का लाभ अत्यधिक शहरीकरण वाले शहरों और उनके सेटेलाइट शहरों सहित 84 नगरीय निकायों की समस्त शहरी जनता को मिलेगा। राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुरूप आरयूआईडीपी का पंचम चरण प्रक्रियाधीन है।
एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा वित्तपोषित परियोजना को राजस्थान अरबन लिबेबिलिटी इम्प्रूवमेन्ट प्रोजेक्ट (रूलिप) नाम दिया गया है। इसकी लागत 6009 करोड़ रुपए है। विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना सस्टेनेबल अरबन ट्रॉसफॉरमेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलरेटेड (सूत्रा) की लागत 3492 करोड़ रुपए है।
परियोजना इस लक्ष्य पर आधारित है कि प्रदेश के शहरों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित तथा स्थायी आधार प्रदान करते हुए विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों की पूर्ति में योगदान करने के साथ-साथ सरकार के विकसित भारत-2047 तथा राजस्थान सरकार के विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
जिले में मल जल प्रबन्धन के कार्य 212.25 करोड़ से, बाढ़ प्रबन्धन के कार्य 35.90 करोड़ से, कमान्ड एण्ड कन्ट्रोल, हैरिटेज, पर्यटन के कार्य 50.28 करोड़ तथा नगरीय यातायात के कार्य 127 करोड़ के होंगे। इस प्रकार जिले में 425.43 करोड़ की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर व्यय होगी। शहर अजमेर के लिए 219.28 किशनगढ़ के लिए 69.90, पुष्कर के लिए 29.69, नसीराबाद के लिए 40.34, केकड़ी के लिए 66.23 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में आरयूआईडीपी द्वारा पांचवें चरण में किए जाने वाले लगभग 219.28 करोड़ के कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए सलाहकारी फर्म के चयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शीघ्र ही जिला कलक्टर की अध्यक्षता में सिटी लेवल कमेटी (सीएलसी) के माध्यम से कार्यों का चिन्हिकरण कर डीपीआर बनाने का कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में शहर के पूर्व जनप्रतिनिधि, पूर्व पार्षद, प्रबुद्धजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रेस, प्रोजेक्ट से जुडे अधिकारियों, महिलाओं एवं आमजन ने शिरकत की। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने आरयूआईडीपी द्वारा शहरी विकास के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के सफल निष्पादन में स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सहयोग के लिए आरयूआईडीपी व स्थानीय निकायों के मध्य सामंजस्य पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित सहभागियों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने सीवरेज प्रोजेक्ट को अजमेर के लिए अच्छा व महत्वपूर्ण बताया। प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने नगर निगम और शहरवासीयों के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। सफलता के लिए जरूरी है कि आरयूआईडीपी, नगर निगम एवं अन्य सहयोगी विभागों के बीच सामंजस्य हों।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस योजना का फायदा बहुत जल्द जनता को होगा। उन्हांेने विश्वास दिलाया कि जनता और पूर्व वार्ड पार्षद इस परियोजना में पूरा सहयोग देंगें। उन्होंने उपस्थित पूर्व जन प्रतिनिधधियों से इस योजना को घर-घर तक पहुचाने और सहयोग की अपील की। परियोजना का लाभ जल्द से जल्द आमजन को मिल सके इसलिए प्लानिंग की जाए। उन्हांेने पूर्व पार्षदों व हितधारकों का कार्यक्रम में बढ़ चढकर हिस्सा लेने पर धन्यवाद किया।
कार्यशाला में जिला कलक्टर ने अपने उद्बोधन में बोलते हुए कहा कि प्रोजेक्ट इस बात का ध्यान रखे कि क्रियान्वयन में तकलीके कम से कम हो। उन्हांेने कहा कि सीवरेज परियोजना में कई प्रकार की दिक्कतें आती है। आरयूआईडीपी सीवरेज के कार्य अच्छे ढ़ंग से करेगा। इस वर्कशॉप के माध्यम से प्रतिभागियों के रचनात्मक सुझाव सामने आए।
आरयूआईडीपी के अधीक्षण अभियन्ता श्री नाहरसिंह ने परियोजना के पांचवे चरण में किये जाने वाले कार्यों की जानकारी एक प्रजन्टेशन के माध्यम से दी। प्रतिभागियों को विभाग की ओर से आश्वस्त करते हुये कहा कि परियोजना कार्यो को गुणवत्ता के साथ निश्चित समयावधि में पूरा किया जाएगा। साथ ही वर्कशॉप में मिले सुझावों को परियोजना में शामिल किया जाएगा। कार्यशाला में एक वृतचित्र के माध्यम से आरयूआईडीपी द्वारा किये जा रहे कार्यों को दर्शाया गया। खुले सत्र में प्रतिभागियों ने सीवर व अन्य कार्यो के बारे में अपनी जिज्ञासाओं से सम्बंधित जानकारी ली। आमजन भी व्हाट्सअप के माध्यम से अपने सकारात्मक सुझाव दे सकते है। इसके लिए आरयूडीआईपी के एसीएम श्री विजय पाल से 9799363291 पर व्हाट्सअप किया जा सकता है।
कार्यशाला में अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेन्द्र कुमार मीणा, पूर्व जनप्रतिनिधियों में सतीश बंसल, राजेश शर्मा, चन्द्रेश सांखला, विक्रम सिंह राठौड, रचित कच्छावा, महेन्द्र सिंह रावत, राजकुमार ललवानी, अरूणा टांक, मोहन लालवानी, देवेन्द्र शेखावत, पवन बैरवा, शीलम बैरवा, दरियाब सिंह राठौड़, भवानी सिंह, विक्रम तुंगारिया एवं अशोक रंगनानी, अनिल जैन, राजीव तोषनीवाल (अजमेर अभियंता संस्था के अध्यक्ष एवं सदस्य, एईआई) प्रबुद्धजनों एवं नगर निगम के मनोहर सोनगरा, यातायात निरीक्षक नीतु राठौड, जन स्वास्थ्य अभियात्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता बी. अग्निहोत्री, वन विभाग के विमल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स ने अपने विचार रखे।

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