अजमेर। शहर में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए। 70 वर्ष में पहली बार चेटीचंड के अवसर पर नहीं होगी भगवान झूलेलाल की मूर्तियों की नगर परिक्रमा नहीं निकलेगी शोभायात्रा यह जानकारी देते हुए पूज्य लाल साहिब मंदिर सेवा ट्रस्ट झूलेलाल धाम देहली गेट अजमेर के महासचिव जयकिशन पारवानी ने बताया कि इस वर्ष विश्व स्तर पर फैली करोना महामारी के कारण जनहित को देखते हुए ट्रस्ट द्वारा यह निर्णय लिया गया है। सिंधी समाज के इष्टदेव श्री झूलेलाल के अवतरण दिवस चेटीचंड के अवसर पर प्रतिवर्ष पूज्य लाल साहिब मंदिर दिल्ली गेट की ओर से झूलेलाल साहब की मूर्तियों की नगर परिक्रमा जलूस सहित तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसके अंतर्गत विशाल शोभायात्रा में लगभग 60 से 70 झांकियां समाज की सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, व्यावसायिक संस्थाओं के युवाओं द्वारा सजा कर लाई जाती है और पूरे शोभायात्रा मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। समाज की लगभग 200 संस्थाओं की और से जगह-जगह तोरण द्वार बनाकर सुखो सेसा, मिठाई, फल आदि प्रसाद व पुष्प वर्षा द्वारा स्वागत किया जाता है जिसे देखने के लिए देश विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। जनहित को देखते हुए यह सभी कार्यक्रम स्थगित किए गए हैं।
ट्रस्ट के अध्यक्ष हेमनदास छबलानी के अनुसार बुधवार तारीख 25 मार्च को झूलेलाल धाम में श्री झूलेलाल साहब की पूजा अर्चना सादगी पूर्वक होगी। प्रधान ट्रस्टी प्रभु लौंगानी ने बताया कि मन्दिर ट्रस्ट की ओर से आग्रह किया जाता है कि समाज के सभी बंधू अपने-अपने घर पर सुबह अपने परिवार के साथ मिलकर श्री झूलेलाल साहिब की पूजा अर्चना गीत संगीत व पंजड़े गाकर ज्योत प्रज्वलित करके आरती करें व पल्लव अरदास करके त्तेहिरी, कोइर का प्रसाद भण्डारे के साथ ग्रहण करें। संध्या के समय घर पर दीपक जलाएं रोशनी करें घर परिवार व विश्व की सुख शांति के लिए प्रार्थना करें श्री झूलेलाल साहब से विनती करें कि करोना वायरस समस्त विश्व मे जल्द से जल्द नष्ट हो।
प्रचार सचिव शंकर दास बदलानी के अनुसार मंदिर ट्रस्ट द्वारा समाज जनों से आग्रह किया गया है कि वे अपने मौहल्लों व कॉलोनी में भी मंदिरों में चेटीचण्ड के अवसर पर भीड़ भाड़ इकट्ठी न करें अपने अपने घर पर ही पूजा अर्चना करें व अपने आस पास रहने वाले गरीब व कमजोर वर्ग के बंधुओं की जरूरतों भोजन आदि की व्यवस्था कर पूण्य लाभ कमाऐं।
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