सप्तम राज्य वित्त आयोग : अध्यक्ष चतुर्वेदी ने की जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा
पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के संबंध में लिए सुझाव
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। सप्तम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने मंगलवार को संभाग के पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर विचार विमर्श कर सुझाव प्राप्त किए। संभाग के जिलों के कलक्टर्स ने जिलों की व्यवहारिक आवश्यकताओं से अवगत कराया।
वित्त आयोग के अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि सातवें राज्य वित्त आयोग ने अपने गठन के एक माह में अन्तिम रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी। इसको आगामी सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत कर फण्ड जारी किए जाएंगे। वित्त आयोग द्वारा संभाग स्तर पर सुझाव प्राप्त कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अजमेर से पूर्व भरतपुर संभाग के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा हो चुकी है। अन्य संभागों में भी आयोग द्वारा सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। प्राप्त सुझावों पर कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को प्रेषित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विभिन्न बिन्दुओं के आधार पर प्रश्नावली तैयार की गई है। इसमें ऑनलाईन सूचनाएं प्राप्त हो रही है। क्षेत्र से प्राप्त ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद एवं नगरीय निकायों से संबन्धित सूचनाओं के आधार पर रिपोर्ट बनाई जाएंगी। इससे राज्य ग्रामीण एवं शहरी संस्थाओं को दी जाने वाली राशि का निर्धारण होगा। इससे इन संस्थानों में सुदृढ़ वित्तीय प्रबन्धन सम्भव हो सकेंगा। निति निर्धारण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि बैठक में छठे वित्त आयोग एवं पूर्व के अन्य वित्त आयोगों के कार्यों के संबंध में चर्चा की गई। इनके द्वारा किए गए कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा उन्हें पूर्ण कर पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया। संस्थाओं से निजी आय बढ़ाने के बारे में प्राप्त व्यवहारिक सुझावों को क्रियान्वित किया जाएगा। कडैल में सामुदायिक शौचालय की उपयोगिता प्रेरणादायिक रही। निकायों को प्राप्त फण्ड का पूरा उपयोग करना चाहिए। बैठक में पर्यटक स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने के लिए राजस्व सग्रंहण करने के अधिकार दिए जाने की आवश्यकता बतायी गई।
उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन के लिए प्रशिक्षण एवं केपेसीटी बिल्डिंग का कार्य किया जाएगा। कर संग्रहण को बिजली के बिल के साथ जोड़ने का सुझाव भी मिला। विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे करों एवं उप करों के स्थान पर एक ही कर आरोपित करने का सुझाव मिला। कर वसूली में आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा कर समाधान सुझाए गए। स्वैच्छिक कर वसूली को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। केरल मॉडल के अनुसार कार्मिक लगाने का भी सुझाव आया। नरेगा के स्थान पर विकसित भारत-जीरामजी जैसे योजना से मांग के अनुसार अब 125 दिन काम मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक उन्नति आयेगा।
उन्होंने कहा कि सीवेरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी परिसम्पत्तियों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। ठोस कचरा प्रबंधन के माध्यम से भी आय का सृजन होना चाहिए। इसी प्रकार तरल कचरे का उपयोग भी आय वृद्धि हो नये निकायों को संसाधन प्रबंधन के बारे में मार्गदर्शन मिलना चाहिए। स्वामित्व योजना की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों के भू-खण्डों का भी निर्धारण किया जाए। सुविधाओं का उपयोग करने वाले व्यक्ति को सुविधा शुल्क देने में भी आगे होना चाहिए। तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति के सुझाव भी मिलें।
संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि वित्त आयोग को प्राप्त सुझावों के उपयोग में आने से क्षेत्र की कई समस्याओं के समाधान होंगे। ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों का प्रबंधन गुणवत्ता युक्त होगा। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिये जाने की आवश्यकता बतायी। ठोस कचारा प्रंबधन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्य योजना बनाए जाने की आवश्यकता है। सड़क गुणवत्ता तथा जल निकासी पर विशेष फोकस करने पर चर्चा की गई। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्रीमती दिप्ती शर्मा ने कहा कि पूर्व के वित्त आयोगों से प्राप्त राशि से किये जाने वाले कार्यों को पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने आयोग को सौंपे गए कार्यों एवं इसकी संरचना के बारे में जानकारी दी। प्रश्नावली के विभिन्न बिन्दु पर विस्तृत चर्चा की। आयोग की अपेक्षाओं के संबंध में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अवगत कराया।
इस अवसर पर वित्त आयोग के उप निदेशक भारतीश गौड़, जिला कलक्टर अजमेर लोक बन्धु, भीलवाड़ा जसमीत सिंह सन्धु, नागौर अरूण पुरोहित, ब्यावर कमल राम मीना, डीडवाना महेन्द्र सिंह खड़गावत एवं टोंक कल्पना अग्रवाल, अजमेर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रसाद, नगर निगम आयुक्त देशल दान, अन्य जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगरीय निकाय विभाग की उपनिदेशक सना सिद्दकी नगर निगम महापौर श्रीमती ब्रजलता हाड़ा, अध्यक्ष रमेश सोनी, निवर्तमान जिला परिषद सदस्य महेन्द्र सिंह मजेवला सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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