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पुष्कर बना आध्यात्मिक चेतना का केंद्र, संतों के आशीर्वाद से समाज उत्थान का संदेश : मंत्री रावत

पुष्कर बना आध्यात्मिक चेतना का केंद्र, संतों के आशीर्वाद से समाज उत्थान का संदेश : मंत्री रावत

पुष्कर बना आध्यात्मिक चेतना का केंद्र, संतों के आशीर्वाद से समाज उत्थान का संदेश : मंत्री रावत

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने आज पवित्र तीर्थराज पुष्कर में परम् विभूषित राष्ट्र संत गोविंद देव गिरी जी महाराज एवं विश्वविख्यात योगगुरु बाबा रामदेव का पावन आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित श्री ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ आश्रम के रजत जयंती समारोह–2026 में गरिमामयी सहभागिता की। आश्रम के 25 वर्ष पूर्ण होने का यह ऐतिहासिक अवसर भारतीय संस्कृति, वेद परंपरा एवं सनातन आध्यात्मिक चेतना के संरक्षण और संवर्धन का प्रेरणादायी प्रतीक बना।

कार्यक्रम में देशभर से पधारे संत-महात्माओं, वेदाचार्यों, शिक्षाविदों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने समारोह को भव्य स्वरूप प्रदान किया। वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ-हवन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा की दिव्यता का अनुपम दर्शन हुआ।

मंत्री रावत ने अपने संबोधन में कहा कि पुष्कर की पावन धरा सदियों से धर्म, साधना और ज्ञान की राजधानी रही है। श्री ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ आश्रम ने विगत 25 वर्षों में वेदाध्ययन, संस्कार शिक्षा एवं राष्ट्र चेतना के जागरण का जो कार्य किया है, वह समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि वेद केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की शाश्वत पद्धति हैं, जो मानवता को “वसुधैव कुटुंबकम्” का संदेश देती हैं।

पूज्य संतों के सानिध्य में मंत्री श्री रावत ने वेदपाठी विद्यार्थियों एवं आचार्यों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम में संचालित गुरुकुल पद्धति, संस्कृत शिक्षा, योग प्रशिक्षण एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित पाठ्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्र संत गोविंद देव गिरी महाराज ने वैदिक परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक हमारी शिक्षा व्यवस्था में संस्कार, आध्यात्मिकता और राष्ट्रभक्ति का समावेश नहीं होगा, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। वहीं योगगुरु बाबा रामदेव जी ने योग, आयुर्वेद और वेद के माध्यम से आत्मनिर्भर और स्वस्थ भारत निर्माण का आह्वान किया।

मंत्री रावत ने कहा कि पुष्कर में ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से क्षेत्र की वैश्विक पहचान सुदृढ़ होती है तथा धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलती है। उन्होंने आश्रम परिवार को रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने का विश्वास व्यक्त किया।

समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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