सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 : एआई का करें जिम्मेदारी से उपयोग
अजमेर (अजमेर मुस्कान)। सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प के साथ डिजिटल सुरक्षा पर जोर देने की आवश्यकता है।
एनआईसीके जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तेजा सिंह रावत ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार 10 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और डिजिटल इंडिया के तत्वावधान में सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 मनाया जाएगा। इसकी थीम स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदारी से उपयोग की खोज है। डीपफेक से सावधानी रखें। एआई द्वारा बनाए गए डीपफेक वीडियो और क्लोन की गई आवाजें बिल्कुल असली लग सकती हैं। किसी भी भावनात्मक प्रतिक्रिया से पहले विश्वसनीय स्रोतों से इनकी पुष्टि करना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि एआई युग में बढ़ती चुनौतियां और सुरक्षा उपाय सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। सरकार ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, विशेषकर युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चुनौतियों के प्रति आगाह किया है। मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कई प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से पहले विचार करें।
उन्होंने बताया कि घोटालों की पहचान करनी आवश्यक है। एआई घोटाले अक्सर लोगों के मन में डर या तात्कालिकता पैदा करते हैं। इसलिए कोई भी कदम उठाने से पहले रुकें, सोचें और सत्यापित करें। विशेषज्ञों की सलाह लें। चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय निर्णयों के लिए पूरी तरह से एआई पर निर्भर न रहें। हमेशा वास्तविक विशेषज्ञों से परामर्श लेना हितकर रहता है।
उन्होंने बताया कि चेतावनी के संकेत एआई से बनाई गई सामग्री में निहित रहते हैं। वीडियो में अप्राकृतिक चेहरे के हाव-भाव, होंठों का हिलना या आवाज में बदलाव एआई हेरफेर के संकेत हो सकते हैं। डेटा गोपनीयता और व्यक्तिगत सुरक्षा मंत्रालय ने नागरिकों को डीपीडीपी अधिनियम (डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम) के बारे में भी जागरूक किया। यह अधिनियम व्यक्तिगत डेटा की रक्षा करता है।
उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। ऎप्स को दी गई अनुमतियों की नियमित जांच करें। नियमित रूप से अनावश्यक एक्सेस को हटा दें। फोन कॉल पर कभी भी अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण साझा नहीं करें। ऑनलाइन निवेश के लुभावने और उच्च लाभ वाले प्रस्तावों से बचें।
इस अभियान को इन्फॉरमेशन सिक्युरिटी एज्युकेशन एण्ड अवेयरनेस (आईएसईए) और सी-डैक जैसी संस्थाओं का भी सहयोग मिल रहा है। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को एक साइबर जागरूक डिजिटल नागरिक बनाना है। अधिक जानकारी के लिए https://staysafeonline.in/sid2026 का भी उपयोग किया जा सकता है।

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