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ग्राम उत्थान शिविर-2026 : प्रभारी सचिव ने रलावता शिविर का किया निरीक्षण

ग्राम उत्थान शिविर-2026 : प्रभारी सचिव ने रलावता शिविर का किया निरीक्षण

ग्राम उत्थान शिविर-2026 : प्रभारी सचिव ने रलावता शिविर का किया निरीक्षण

अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिले के प्रभारी सचिव डॉ. नीरज के. पवन ने शनिवार को रलावता में आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला कलक्टर लोक बंधु, उपखण्ड अधिकारी रजत यादव एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर ज्योति ककवानी ने शिविर की प्रगति से अवगत कराया।

प्रभारी सचिव डॉ. नीरज के. पवन ने अधिकारियों को आमजन के कार्य तत्काल करने के निर्देश प्रदान किए। शिविर में आने वाले ग्रामीणों के कार्यों को करने के लिए अग्रिम दलों द्वारा प्री-कैम्प कार्यवाही की जानी चाहिए। प्रभारी सचिव ने शिविर के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं सोलर पम्प योजना के कार्यों की सराहना करते हुए सायल हेल्थ कार्ड का वितरण किया।

उन्होंने कहा कि समस्त सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स के चेहरे, बायोमेट्रिक अथवा ओटीपी से भौतिक सत्यापन किया जाना सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया गया है। पालनहार योजना के लाभान्वितों के अध्ययन प्रमाण पत्र लेकर पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए अधिक से अधिक आवेदन कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के बारे में किसानों के ऑनलाइन आवेदन कराने एवं पशुओं के टीकाकरण के लिए पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। स्वामित्व योजना के प्रोपर्टी पार्सल संबंधित व्यक्तियों को बुलाकर कैम्प में ही प्रदान करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अजमेर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के द्वारा नई सोसायटी का आवेदन शिविर के दौरान करवाया जाए। साथ ही आवश्यकता होने पर सोसायटी के लिए भूमि आवंटन की कार्यवाही की जाए। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिए भी मौके पर आवेदन प्राप्त कर आगे की कार्यवाही आरम्भ करें। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए भी स्थानीय युवाओं को जागरूक कर आवेदन प्राप्त किए जाए।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी ग्रामीण भारत की आर्थिक उन्नति का आधार बनने वाली है। इस संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही इसकी मुख्य विशेषताओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाए। इसके माध्यम से अब ग्रामीणों को 100 के स्थान पर 125 दिन का रोजगार प्राप्त होगा।

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